सुप्रीम कोर्ट Supreem Court की निगरानी में भोपाल के रहवासी क्षेत्रों में चल रही व्यवसायिक गतिविधियों पर नगर निगम Municipal corporation के एक्शन नहीं लेने के खिलाफ रहवासी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की संघर्ष समिति ने टॉर्च लाइट मार्च किया। नागरिकों ने अदालत के आदेश के बाद भी रहवासी क्षेत्र में व्यवसायिक गतिविधियां चलाने वालों पर नगर निगम का एक्शन नहीं होने पर यह विरोध प्रदर्शन किया। बारिश के बावजूद बच्चे, बुजुर्ग और नौजवानों ने छातों के साथ मोबाइल की टॉर्च लाइट जलाकर विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। पढ़िये रिपोर्ट।
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सर्वोच्च न्यायलय Supreem Court के निर्देश के बाद भी नगर निगम द्वारा भोपाल शहर की आवासीय बस्तियों में व्यवसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों पर कार्रवाई नहीं कर रहा है जिसको लेकर इस समस्या से प्रभावित शहर की 50 से अधिक रहवासी समितियों ने रविवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। रहवासी समितियों व समाजसेवियों का यह टॉर्च लाइट मार्च अरेरा कॉलोनी महावीर द्वार से शुरू होकर वंदे मातरम चौराहा तक दो किलोमीटर हुआ। बारिश के बाद भी लोग भीगते हुए तो बुजुर्ग और महिलाएं छाते से बचाव करते हुए मार्च में चले। उल्लेखनीय है कि अरेरा कॉलोनी से शुरू हुई इस मुहिम में अब भोपाल शहर के गौतम नगर, रचना नगर, साकेत नगर, शक्ति नगर, भेल से सटी रहवासी कॉलोनियों, विकास कुंज, कोलार रोड़, नेहरु नगर, प्रियदर्शनी, रोहित नगर, बावडिया, कोटरा, लालघाटी, शाहपुरा, गुलमोहर कॉलोनी, डीके कॉटेज, ग्रीन सिटी सोसाइटी, रामशरण सोसाइटी आदि इसमें शामिल हो गए हैं।
संघर्ष समिति में यह प्रमुख शामिल
रहवासियों ने इस समस्या से लड़ने के लिए संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति बनाई है जिसमें याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी व लवनीश भाटी सहित पूर्व आईएएस अधिकारी कवींद्र कियावत, पूर्णेंदु शुक्ला, सुभाष शुक्ला, सुभाष पांडे, गौतम नगर की समिति के मोहन खरपते व सोमकांत उमलकर, शाहपुरा की समिति की शुभ्रा गोयल, कमल राठी, प्रयास संस्था की अपर्णा वशिष्ट,प्रद्युम्न शर्मा, हरीश भावनानी, शेखर माहेश्वरी, नवीन चौबे, पंकज अस्थाना, राजीव झा, जोतस्वरूप सिंह, जयेंद्र विजय, केसी शर्मा, ललित यादव, रुचिका सचदेना, तरुण चौहान, एनके रजक, विजेंद्र राठौर, योगेश सराठे, प्रकाश चौकके शामिल हैं।
व्यवसायिक भवन छोड़ रहवासी क्षेत्रों में व्यापार
रहवासियों का आरोप है कि मास्टर प्लान नहीं लागू होने का हवाला देकर कार्रवाई में बाधाएं डाली जा रही हैं जबकि 2005 के मास्टर प्लान Master Plan में अरेरा कॉलोनी के आसपास व्यावासिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान सुनिचित किया गया है। इसके लिए नगर निगम Municipal corporation, बीडीए BDA एवं हाउसिंग बोर्ड Housing Board द्वारा अरेरा कॉलोनी के असपास मेट्रो प्लाजा, मानसरोवर काम्प्लेक्स, मेट्रो वॉक और फुले भवन आधी भवन व्यवसायिक उपयोग हेतु निर्माण कराए गए हैं जहां व्यापारियों ने दुकानें लेकर उन्हें किराए पर दे दिया है या बंद कर रखी हैं। इससे एक तरफ शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है तो रहवासी क्षेत्रों में व्यवसायिक गतिविधियां चलाए जाने से लोग परेशान हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दस साल पहले स्मार्ट सिटी के नाम पर कई एकड़ जगह टीटी नगर में ली गई थी जहां व्यवसायिक गतिविधियों के लिए व्यवस्थित बाजार विकसित किया जा सकता है।
टॉर्च लाइट मार्च में यह मांग
संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने प्रशासन और नगर निगम Municipal corporation से मांग की कि आवासीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अवैध भू-उपयोग के खिलाफ बिना भेदभाव प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा आवासीय कॉलोनियों के मूल स्वरूप को संरक्षित किया जाए। समिति ने ऐलान किया है कि अब जो आवासीय भूखंडो पर निर्माणाधीन भवन है उन पर तत्काल रोक लगाये जाने की मांग की जाएगी। समिति ने संकल्प लिया कि यह आवासीय क्षेत्र बचाओ अभियान एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि भोपाल के अन्य आवासीय क्षेत्रों के नागरिकों को भी साथ जोड़कर और व्यापक बनाया जाएगा।
