Madhya Pradesh में सरकारी बंगलों और आवासों में अतिरिक्त निर्माणों पर रुपयों की बारिश की जा रही है। लोक निर्माण विभाग PWD की स्थायी वित्तीय समिति ने 2025 की पहली तीन बैठकों में ही 806 लाख की स्वीकृति दे दी गई जिसमें से एक चौथाई हिस्सा माननीयों के bungalows बंगलों पर खर्च हुआ। इन माननीयों में Chief Minister भी शामिल हैं जिनके दूसरे बंगले पर माननीयों के खर्च की लगभग आधी राशि दी गई। कुरु कुरु स्वाहा में देखिये यह खोजी रिपोर्ट।
फैशन बनता जा रहा अतिरिक्त निर्माण
Madhya Pradesh में government bungalows में अतिरिक्त निर्माण का फैशन सा बन चुका है। Politicle leader हो या Officers या Journalist या कोई समाजसेवी, Government Residences आवंटित होने के बाद उसमें इस कदर बदलाव करते हैं कि जैसे आजीवन उन्हें उक्त आवास में रहना है। Government Residences आवंटन के बाद बदलाव कराने के लिए Politicle leader, Officers , Journalist, Social activists ऐसे प्रस्ताव तैयार कराते हैं कि उनमें लगने वाले सामान कई बार सरकारी कर्मचारी या ठेकेदार के हिसाब से खरीदी नहीं होती बल्कि उनके परिजनों के हिसाब से सामग्री क्रय की जाती है।
सीएम की विंध्य कोठी में एक करोड़ खर्च
PWD की स्थायी वित्तीय समिति Government Residences में होने वाले छोटे बड़े निर्माण कार्यों की स्वीकृति देती है। 2025 में समिति की 13 जनवरी, 30 जनवरी और 14 फरवरी की तीन बैठकों में 806 लाख रुपयों के कामों को स्वीकृत किया गया था। इन 806 लाख रुपए में से अकेले करीब दो करोड़ रुपए प्रदेश के माननीयों के बंगलों पर खर्च हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अरेरा हिल्स स्थित विधायक विश्रामगृह के पास विंध्य कोठी पर सबसे ज्यादा 98.57 लाख रुपए की 13 जनवरी 25 वित्तीय समिति की बैठक में स्वीकृति दी गई। विध्य कोठी डॉ. यादव को शिवराज सरकार के समय उच्च शिक्षा मंत्री के नाते आवंटित हुई थी और मुख्यमंत्री बनने के बाद भी यह उनके पास ही है।
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कृष्णा गौर के बंगले पर 55 लाख से ज्यादा खर्च
Government bungalows में छोटे बड़े निर्माण कार्यों पर खर्च के मामलों में Bhopal की गोविंदपुरा सीट से विधायक और मंत्री कृष्णा गौर दूसरे नंबर आती हैं। उनके 74 बंगला स्थित Government Residences पर PWD ने 2025 की 14 फरवरी की 275वीं बैठक में 55.34 लाख रुपए की स्वीकृति दी थी। यह राशि विंध्य कोठी के बाद स्थायी वित्तीय समिति की उपरोक्त तीन बैठकों में दूसरी बड़ी राशि है। कृष्णा गौर के अलावा पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह के बंगले 15 लाख, विक्रम सिंह विक्की के बंगले पर 10 लाख, पूर्व मंत्री व MLA उषा ठाकुर के बंगले पर 9.90 लाख, पूर्व मंत्री व MLA अजय विश्नोई के बंगले पर 8.89 लाख और विधायक अरविंद पटैरिया के बंगले 8.78 लाख के खर्च का प्रस्ताव PWD ने समिति की बैठकों में रखा जिसे स्वीकृति दी गई।

Sahi likha aapne ki kisi ko bhi Govt awas me tajiveen nahi rahana hai fir kyon janta ke gade mehnat ka dhan apvyay kiya jaye
सरकारी आवास में पहुंचने के बाद हर व्यक्ति अपना स्थाई निवास समझने लगता है