Madhya Pradesh में गेहूं की फसल काटकर Farmar बाजार में ले जा रहे हैं मगर समर्थन मूल्य पर सरकार की खरीदी को लेकर सरकार के दावों पर विपक्ष उंगलियां उठा रहा है। अब खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी को चुनौती मान रहे हैं। बारदाना से लेकर भंडारण की समस्याओं को स्वीकार कर रहे हैं मगर इसके बाद भी दावा कर रहे हैं कि किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदेंगे व बोनस भी देंगे। KURUKURUSWAH कुमें हम आपको बता रहे हैं समर्थन मूल्य पर यह रिपोर्ट।
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Madhya Pradesh में गेहूं की समर्थन मूल्य MSP पर खरीदी शुरू हो गई है जिसमें बताया जा रहा है कि 13 अप्रैल तक 22500 मीट्रिक टन Wheat पांच हजार Farmar से खरीदा जा चुका था। वहीं पिछले साल करीब 50 दिन की खरीदी में लाख Farmar से करीब 77.75 लाख मीट्रिक टन Wheat खरीदी का सरकार ने दावा किया था। इस साल एक महीने की अवधि बीतने के बाद भी समर्थन मूल्य MSP पर Farmar का अनाज खरीदने की बदइंतजामी की वजह से किसान बाजार में उसे बेचने को मजबूर हो रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में समर्थन मूल्य पर Farmar से Wheat की खरीदी को लेकर दावा किया कि भाजपा वादे के मुताबिक 2700 रुपए क्विंटल का भाव उन्हें देगी। मगर यह भी कहा कि अभी सरकार के पास तीन साल और हैं, चुनावी वादा तीन साल में पूरा कर दिया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल वैश्विक परिस्थितियों के कारण गेहूं की खरीद और भंडारण की समस्या है। जूट के बारदानें नहीं होने से प्लास्टिक के बैग में गेहूं रखने की व्यवस्था की जा रही है। गोदामों में पिछले साल का गेहूं भी रखा है और केंद्र सरकार ने इस साल 75 लाख मीट्रिक टन का कोटा दिया है जबकि गेहूं का उत्पादन करीब दोगुना हुआ है। केंद्र सरकार से कोटा बढ़ाने के लिए चर्चा की जा रही है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि किसानों के Wheat को Madhya Pradesh सरकार समर्थन मूल्य MSP पर खरीदेगी और बोनस भी देगी।
कांग्रेस Farmar की इस समस्या को लेकर गुरुवार को गांधीवादी तरीके से सत्याग्रह आंदोलन करने जा रही है। मध्य प्रदेश कांग्रेस की सेवादल इकाई के नेतृत्व में यह सत्याग्रह आंदोलन गुरुवार को दोपहर से शुरू होगा और 24 घंटे लगातार चलेगा। सेवादल के Madhya Pradeshअध्यक्ष अवनीश भार्गव ने यह जानकारी दी और उन्होंने कहा कि अन्नदाता की समस्याओं को लेकर Madhya Pradesh सरकार लापरवाह रवैया अपनाए है। समर्थन मूल्य MSP पर Farmar का Wheat नहीं खरीदा जा रहा है और किसान BJP में अनाज बेचने को मजबूर हो गया है।
