मध्य प्रदेश Madhya Pradesh पाठ्य पुस्तक निगम TBC के प्रबंध संचालक बदलते ही नए एमडी ने बड़ा फैसला करते हुए स्कूल की किताबें छापने वाले देश के पांच प्रिंटर्स को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। निगम के इस फैसले से उससे जुड़े प्रिंटर्स में हड़कंप मच गया है। इनके स्थान पर 14 प्रिंटर्स को 60 दिन में किताबों को छापने के लिए काम दे दिया गया है। पढ़िये रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh पाठ्य पुस्तक निगम TBC करीब 50 साल से सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए पहली से बारहवीं कक्षा तक की पुस्तकों का प्रकाशन कर उनका विक्रय व वितरण करता है। इसके लिए देशभर के प्रिंटर्स से वह काम कराता है और इस कारण देशभर के कई बड़े प्रिंटर्स पाठ्य पुस्तक निगम TBC से जुड़े हैं। सूत्रों ने बताया है कि इन प्रिंटर्स में से मेसर्स श्रीकेलादेवी प्रेस आगरा, रोहन प्रज्ञा नोएडा, मेसर्स आनंद ब्रदर्स नोएडा, मेसर्स ट्रेडिंट हट मथुरा व मेसर्स क्वालिटी जबलपुर को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। निगम TBC की अधिकृत बेवसाइट पर भी चार प्रिंटर्स को ब्लैकलिस्ट करने की सूचना दी जा रही है जिसमें जबलपुर के क्वालिटी प्रिंटर्स के स्थान पर जबलपुर के मेसर्स क्रीअर्स का नाम दिया जा रहा है तो तीसरे क्रम के नाम को सूची में दिखाया ही नहीं जा रहा है। यहां उल्लेखनीय है कि आगरा की श्रीकेलादेवी प्रेस निगम के साथ करीब तीस साल से जुड़ी है तो अन्य प्रिंटर्स भी कई सालों से निगम के लिए स्कूलों की किताबें छाप रहे हैं। अब तक के इतिहास में पाठ्य पुस्तक निगम ने किताबें छापने वाले प्रिंटर्स को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई इक्का दुक्का ही की है जिसमें सबसे ताजा मामला झांसी के पीतांबर प्रिंटर्स का है। उस पर किताबों की छपाई के कागज को रख लेने के आरोप थे।
सूत्र बताते हैं कि स्कूलों की किताबों की छपाई करने वाले उपरोक्त पांच प्रिंटर्स को ब्लैकलिस्ट करने के बाद पाठ्य पुस्तक निगम TBC ने 14 दूसरे प्रिंटर्स को छपाई का काम दिया है। इन्हें पहली और सातवीं कक्षा की करीब तीन लाख किताबों की छपाई करके साठ दिन में देने की जिम्मेदारी दी गई है। जिन प्रिंटर्स को यह काम दिया गया है, उनमें भोपाल के बॉक्स कोर्यूगेट्स, दीपाली प्रिंटर्स, राधिका प्रकाशन, आईसेक्ट, एच एंड वी, अमन ट्रेडर्स, अवंतिका प्रेस और जेडएस पैकलिंर्स, मझुरा के आरबी ग्रुप, प्रतिभा प्रिंटर्स, कीर्ति प्रिंटर्स और मथुरा महिला मथुटा व आगरा के भवानी पब्लिकेशन शामिल हैं।
एमडी बदलते ही काम की रफ्तार धीमी पड़ी
कई सालों के बाद राज्य शासन ने पिछले दिनों पाठ्य पुस्तक निगम TBC के एमडी को स्थानांतरित कर डायरेक्टर आईएएस रोहित सिंह को पदस्थ किया है। मगर इस परिवर्तन की वजह से निगम TBC के काम की अचानक धीमी रफ्तार हो गई। लंबे समय तक रोहित सिंह कक्ष निर्माण होने की वजह से दफ्तर नहीं आए और जब आए तो विनय निगम के फैसलों की फाइलों का पुनरीक्षण करते रहे। बताया जाता है कि निगम की अंदरुनी राजनीति भी इस दौरान काफी तेजी से बदली और नए अधिकारी के विश्वासपात्र की कोशिश में रोहित सिंह को कई जानकारी स्वतः ही मिल गईं।
विनय निगम ने सालों स्वतंत्र रूप से काम करते रहे
निगम TBC में पिछले कई सालों से पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के करीबी विनय निगम महाप्रबंधक व प्रबंध संचालक थे। राज्य प्रशासनिक सेवा में रहते हुए वे महाप्रबंधक बनाए गए थे और जब तक वे वहां रहे तो प्रबंध संचालक की पदस्थापना नहीं की गई थी। महाप्रबंधक रहते हुए भी वे एमडी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे तो आईएएस अवार्ड होने के बाद वे एमडी बन गए तो पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से काम करने लगे। पिछले दिनों उनका मोहन सरकार ने तबादला कर डायरेक्टर आईएएस रोहित सिंह की पदस्थापना कर दी।
