भोपाल Bhopal के रहवासी क्षेत्रों residential area में व्यावसायिक गतिविधियां Commercial activities चलाने वालों के खिलाफ संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति का आंदोलन protest लगातार जारी है जिसमें नगर निगम Bhopal Municipal corporation को सीलिंग कार्यवाही में लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी जा रही है। रहवासी क्षेत्रों के लोगों ने नगर निगम Bhopal Municipal corporation को टॉर्च लाइट मार्च protest निकालकर प्रशासन से अपेक्षा की गई कि वह अवैधता के अंधेरे को खत्म कर सही कार्रवाई करे और लोगों को राहत प्रदान करे। पढ़िये रिपोर्ट।
भोपाल Bhopal के रहवासी क्षेत्रों residential area के लोगों द्वारा व्यावसायिक गतिविधियां Commercial activities को रोकने के लिए संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति बनाई है जिसके आव्हान पर भोपाल Bhopal की अनेको आवासीय कॉलोनी residential area के निवासियों ने एकत्रित होकर नगर निगम Bhopal Municipal corporation की पक्षपातपूर्ण सीलिंग कार्यवाही का विरोध किया। इसके लिए टॉर्च लाइट मार्च protest निकाला। आरोप लगाया की जब सर्वोच्च न्यायलय द्वारा स्पष्ट आदेश दिया गया है की आवासीय भू उपयोग पर हो अवैध संस्थानों पर सीलिंग की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये तो नगर निगम आब तक सिर्फ सर्वे और नोटिस का ढोंग क्यों रच रही है। जबकि इन अवैध मॉल और शोरूम ने 1 अगस्त को खुद अपने संस्थान बंद करके बाहर पोस्टर लगाये थे कि उन्होंने नगर निगम Bhopal Municipal corporation के आदेश पर अपने संस्थान बंद कर दिए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि वे नियमो का उल्लंघन कर रहे हैं। इसके बाद भी निगम उनके खिलाफ कार्रवाई से क्यों बच रहा है और वह क्यों यह कर रहा है, इस सवाल में ही उत्तर भी है। वह यह है कि नगर निगम Bhopal Municipal corporation ने रसूखदार भू माफियाओ के आगे घुटने टेक दिए हैं। छोटे व्यपारियो पर नोटिस की कार्यवाही की जा रही है जिनसे उनके परिवारों में रोजी रोटी खोने का भय उत्पन्न किया जा सके और मानवीय आधार पर बड़े भू माफियाओ का संरक्षण हो|
सर्वे के बाद फिर सर्वे क्यों ….. आंदोलन में सवाल उठे
संघर्ष समिति के आंदोलन में शामिल रहवासियों ने सवाल उठाया कि जब नगर निगम Bhopal Municipal corporation एक बार सर्वे करवा चूका है जिसमे हजारो की संख्या में अवैध निर्माण पाया गया है। यह जानकारी न्यायालय को दी जा चुकी है तो उस पर कार्यवाही करने की बजाय दूसरी बार सर्वे करा कर समय क्यों ख़राब किया जा रहा है। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि निगम Bhopal Municipal corporation इन रसूखदार भूमाफियाओ को बचाना चाहता है। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से जल्द मास्टर प्लान लागु करने की मांग की जिसमें रहवासी क्षेत्रो में व्यावसायी गतिविधियों पर पूर्णतः प्रतिबंध हो जिससे आवासीय कॉलोनी में पब, बार, होटल, मॉल, चाय, सुट्टा बार, शोरूम, होस्टल, शराब दुकान आदि न संचालित हो सके।
फिर निकाला गया टॉर्च लाइट मार्च
संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने कहा कि टॉर्च लाइट मार्च protest केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि भोपाल Bhopal के नागरिकों की जागरूकता और अपने शहर भोपाल को भू माफियाओ से बचाने का संकल्प है। अरेरा कॉलोनी के रहवासियों द्वारा शुरू की गई इस मुहीम को अन्य आवासीय समितियों का भी साथ मिल रहा है। अब इस मुहीम में गौतम नगर, विकास कुंज,कोलार रोड़, नेहरु नगर, प्रिय दर्शनी अदिष्ठान ,रोहित नगर,रचना ,गौतम नगर,बावडिया,साकेत नगर,भेल,कोटरा,लालघाटी शक्ति नगर,शाहपुरा,जी 1 .2.3. गुलमोहर ,डी के कोटेज,ग्रीन सिटी सोसाइटी,श्रीराम शरणम सोसाइटी आदि ने मिलकर सयुक्त रहवासी संघर्ष समिति भोपाल बनाई। समिति में प्रमुख रूप से पूर्व आईएएस कवीन्द्र कियावत, पवन जैन, अरूण गुर्टू ,पूर्णेंदु शुक्ला, गौतम नगर के अध्यक्ष मोहन खरपते और सोमकांत उमलकर, प्रयास संस्था की अध्यक्ष अपर्णा वाशिष्ठ, शाहपुरा समिति की अध्यक्ष शुभ्रा गोयल, त्रिलंगा समिति से सीमा शर्मा, नीरज गुलाटी, कमल राठी ,याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी एवं लवनीश भाटी, प्रद्युम्न शर्मा, हरीश भावनानी , शेखर माहेश्वरी, नवीन चौबे, पंकज अस्थाना, रामकुमार सिंह, राजीव झा, जोतस्वरूप सिंह, जयेंद्र विजय, केसी शर्मा, ललित यादव, रुचिका सचदेवा, तरुण चौहान, एनके रजक, विजेंद्र राठौर, योगेश सराठे प्रकाश चौकसे, अक्षय कपडे, उमाशकर तिवारी, रणदीप सिंह आदि शामिल हो गए हैं।
