मोदी बनने का सपना या जमीनी हकीकत
PM NARENDRA MODI के नाम से Ahmedabad में CRICKET स्टेडियम बनाया गया है तो BHOPAL में MADHYA PRADESH के CM MOHAN YADAV की सरकार के मंत्री विश्वास सारंग भी लगता है कि उनकी बराबरी करने की कोशिश में हैं। अपनी विधानसभा क्षेत्र नरेला के गौतम नगर में हाउसिंग बोर्ड के खेल मैदान पर उन्होंने अपनी विधायक निधि से काफी काम कराया। मैदान के समतलीकरण से लेकर घास लगवाकर क्रिकेट मैदान विकसित किया। अब यहां एक निजी CRICKET अकादमी चल रही है जो उनके समर्थक मंत्रीजी के नाम से चला रहे हैं। अकादमी में कई बच्चे आते हैं जो मैदान को विश्वास सारंग मैदान के नाम से जानते हैं। Ahmedabad में तो मोदीजी के नाम का ही स्टेडियम है मगर कौन जानता है कि BHOPAL में मंत्री के नाम की अकादमी वाली अरबों की जमीन का ही स्वामित्व ही बदल जाए।
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बड़े साहब की खिलाफत का पुरस्कार या दोस्ती की यात्रा
MADHYA PRADESH के मंत्रालय में बैठने वाले एक बड़े साहब के मीडिया से जुड़े एक बुजुर्ग से खटास भरे संंबंध हैं मगर बड़े साहब के अधीनस्थ से उनकी दांत काटी दोस्ती भी है। इन बुजुर्ग महाशय ने बड़े साहब की अपने लेखन में जबरदस्त आलोचना की। इस लेखन के बाद उनकी VRINDAVAN यात्रा हुई जो बड़े साहब के अधीनस्थ अफसर के सौजन्य से हुई। आने जाने के खर्च से लेकर वृंदावन के ठहरने-खाने-पीने का पूरा इंतजाम उनके ही सौजन्य से हुआ। अब यह कहा जा रहा है कि अपने बड़े साहब की आलोचना के लेख के पुरस्कार में अधीनस्थ ने अपने मित्र को यात्रा कराई या VRINDAVAN की पारिवारिक धार्मिक यात्रा कराकर निजी संबंधों को निभाया। खैर जो भी वजह रही हो अधीनस्थ ने बड़े साहब को अपने अधिकारों की सीमा जरूर बता दी है।
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उम्र छिपाना चाह रहे ये नेताजी
CONGRESS में एक नेताजी इन दिनों अपनी उम्र को छिपाने के लिए खासे चर्चा में हैं। नेताजी दो बार चुनाव जीत चुके हैं और मंत्री भी रह लिए हैं। चुनावी राजनीति में बने रहने के लिए वे अपनी उम्र का जिक्र करने से परहेज करने लगे हैं। पिछले दिनों नेताजी के जन्मदिवस के मौके पर उनके किसी समर्थक ने होर्डिंग में उम्र के साथ बधाई दे दी थी तो नेताजी खुश होने की जगह उस पर बिफर पड़े। समर्थक को उम्र लिखने के लिए फटकारा और कहा कि ऐसे कोई लिखता है। आपको बता दें कि इन नेताजी को पार्षद से लेकर लोकसभा चुनाव तक की टिकट मिल चुकी है और अब उनकी फिर से विधानसभा चुनाव में उतरने की कोशिश है।में मंत्री के नाम की अकादमी वाली जमीन का ही स्वामित्व ही बदल जाए।
IPS ने राह दिखाई IAS भी वहां चल दिए
MADHYA PRADESH में सरकार भले ही किसी भी राजनीतिक पार्टी की रही हो मगर आला अफसरों में सुरक्षा का भाव हमेशा बना रहा है। अर्जुनसिंह हो या मोतीलाल वोरा या दिग्विजय सिंह या फिर शिवराज सिंह, सभी की सरकारों में अक्सर नौकरशाही की तारीफ होती रही। दूसरी तरफ मौजूदा सरकार के मुखिया डॉ. मोहन सिंह यादव के लिए उनकी ही पार्टी के विधायक प्रीतम सिंह लौधी ने काालिख पोतने जैसा काम कर दिया। जिस अंदाज में IPS OFFICER को धमकाया, वह नौकरशाही पर तमाचा रहा। उसी अंदाज में एक महिला आईएएस अधिकारी ने BJP की रैली के लिए भीड़ जुटाने पर न केवल एतराज किया बल्कि कलेक्टरों को रैली के लिए भीड़ न जुटाने के निर्देश भी दे दिए। मामला नौकरशाही के एक व्हाट्स ग्रुप का बताया जा रहा है। ग्रुप पर भी आईएएस अधिकारी का मैसेज वायरल हुआ तो दबी जुबान में अधिकांश लोगों ने उनकी तारीफ कर हौंसला अफजाई की। कहा जा रहा है कि युवा IPS आयुष जाखड़ ने जो राह दिखाई, IAS OFFICER भी वही रास्ता चल दिए हैं।
मुर्दाघर में मुर्दे की सफाई की कीमत
मुर्दाघर में पोस्टमार्टम के बाद मुर्दों की सफाई की जाती है मगर दुखी परिवार को वहां अमानवीय व्यवहार से गुजरना पड़ता है। पोस्टमार्टम के बाद मुर्दों की वहां सफाई की जाती है। चीरफाड़ से मुर्दे के आंतरिक अंगों को समेटकर बॉडी को सीला जाता है जिससे उसकी सफाई जरूरी हो जाती है। मृतक के शरीर की चीरफाड़ से आहत उसके परिजनों को जिस अमानवीय व्यवहार से गुजरना पड़ता है, वह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इस अमानवीय व्यवहार में मुर्दाघर के सफाईकर्मियों का साथ पुलिस थानों से पहुंचने वाले वर्दीधारी भी देते हैं। मुर्दे की सफाई की बाकायदा कीमत वसूल की जाती है।
