मध्य प्रदेश Madhya Pradesh की मोहन सरकार में मंत्रियों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। मंत्री अपनी जिम्मेदारी का पल्ला झाड़कर गेंद को मुख्यमंत्री CM Mohan Yadav के पाले में डालने जैसी परिस्थितियां निर्मित करने लगे हैं और सार्वजनिक रूप से ऐसी बातें कहने से नहीं चूक रहे हैं। पढ़िये ऐसे ही एक वरिष्ठ मंत्री के उन बोलों को जिनसे यह स्थिति सामने आई।
भोपाल के आवासीय क्षेत्र residential areas में व्यावसायिक गतिविधियों commercial activities को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है और इस पर सुप्रीम कोर्ट पूरी तरह से निगरानी रखे है। भोपाल के अरेरा हिल्स के दस नंबर, ग्यारह नंबर से लेकर कोलार रोड, गोविंदपुरा क्षेत्र के गौतम नगर, रचना नगर, शांति निकेतन और नए विकसित हो रहे होशंगाबाद रोड से सटे आवासीय क्षेत्र residential areas में व्यावसायिक गतिविधियों commercial activities की वजह से रहवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रचना नगर गौतम नगर जैसे इलाकों में तो बड़े बड़े होटल, हॉस्टल खुल गए हैं और बीडीए-हाउसिंग बोर्ड जैसी संस्थाओं के रहवासी क्षेत्रों के एलआईजी जैसे आवासों को छोटे मोटे शॉपिंग मॉल जैसा रूप दे दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट इस तरह की गतिविधियों को लेकर राज्य सरकार व नगर निगम के फौरी एक्शन पर नाराजगी जता चुका है और राज्य सरकार ने जो समिति बनाई थी, उस पर भी फटकार लगा चुका है। इस मुद्दे को लेकर पत्रकारों ने गुरुवार को मध्य प्रदेश Madhya Pradesh भाजपा कार्यालय में पहुंचे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किए तो उनके जवाबों से कई चीजें खुलकर सामने आईं।
विजयवर्गीय ने व्यापारियों के नुकसान की बात कहते हुए कहा कि अधिकारियों व वकीलों की टीम बनाकर ऐसा मार्ग निकालने का प्रयास किया जाएगा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना नहीं हो। जब उन्हें बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट सरकार द्वारा इसके लिए बनाई गई समिति पर भी नाराजगी जता चुका है तो उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो सरकार सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी।
विजयवर्गीय से इस समस्या की जड़ भोपाल के मास्टर प्लान Bhopal Master Plan को लेकर सवाल किया गया तो वे बोले कि उनकी तरफ से ड्राफ्ट तैयार हो गया है। ड्राफ्ट मुख्यमंत्री CM Mohan Yadav को भेज दिया गया है। मंत्रीजी ने कहा कि अब जब मुख्यमंत्री CM Mohan Yadav आएं तो उनसे इस संबंध में सवाल पूछिये।
