कुरु कुरु स्वाहा kurukuruswaha के सोमवार के इस नियमित स्तंभ में इस बार हम आपको यह जानकारियां दे रहे हैं। सबसे पहले बताएंगे नीट पेपरलीक NEET Paper Leake की गूंज में याद नहीं आए व्यापमं घोटाले जैसे मुद्दे की बात तो भाजपा BJP के एक पूर्व कद्दावर मंत्री के साथ कैसा हो रहा पुलिस MP Police का बर्ताव और भाजपा BJP में राजधानी के नेताओं के बीच चल रहे परस्पर विरोधियों जैसे संबंधों के ताजे मामले पर रिपोर्ट। इनके अलावा प्रशासन और पुलिस से जुड़े दो अन्य मुद्दों पर आपको देंगे जानकारियां। पढ़िये नियमित स्तंभः
देशभर में नीट पेपरलीक NEET Paper Leake कांड का 18 जुलाई के बाद जिस तरह सड़क से संसद तक हंगामा मचा मगर वह कितने दिन और याद रखा जाएगा, यह मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के व्यापमं घोटाले Vyapm Scam से साबित होता है। 2013 के बाद व्यापमं घोटाले Vyapm Scam को लेकर मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के एक मंत्री की गिरफ्तारी हुई, दो पूर्व मुख्यमंत्री, एक राज्यपाल व उनके रिश्तेदारों, आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के रिश्तेदारों, कुछ इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेजों के कर्ताधर्ताओं व कई रसूखदारों के नाम घोटाले Vyapm Scam में सामने आए थे। इस घोटाले से जुड़े अभ्यर्थियों व छात्रों ने आत्महत्याएं कीं और कुछ की संदिग्ध मौतें तक हुईं। घोटाले Vyapm Scam की जांच के लिए सीबीआई की एक यूनिट को भोपाल में स्थायी रूप से तैनात किया गया था। लेकिन इतने बड़े घोटाले Vyapm Scam का मौजूदा पेपरलीक आंदोलन में किसी ने भी जिक्र तक नहीं किया। कांग्रेस ने उस समय इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा व संसद तक उठाया था मगर हाल ही में पेपरलीक NEET Paper Leake आंदोलन के बाद संसद में आए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान यह मुद्दा सांसदों को याद तक नहीं आया। जबकि मध्य प्रदेश Madhya Pradesh से राज्यसभा में कांग्रेस के दो सदस्य विवेक तनखा और अशोक सिंह हैं मगर उनकी स्मृति में भी यह मुद्दा नहीं रहा। कहते हैं कि हम भारतीयों की याददाश्त बहुत कमजोर होती है और बड़ी से बड़ी घटनाएं चंद दिनों के बाद भूतकाल में यादों के झरोखों में खो जाती हैं।
शेजवार लगा रहे थाने के चक्कर …. सात बार के विधायक पूर्व मंत्री की शिकायत …. संपत्ति का मामला
कहते हैं कि वक्त सबका एक जैसा नहीं होता है। किसी समय भाजपा BJP के ताकतवर नेता माने जाने वाले डॉ. गौरीशंकर शेजवार इन दिनों नए भोपाल के एक थाने के चक्कर काट रहे हैं। मामला उनकी करोड़ों की संपत्ति से जुड़ा है। संपत्ति लीज की जमीन वाली है जिसके दस्तावेज कथित रूप से गुम हो गए हैं। करीब दो महीने पहले लीज के दस्तावेजों के गुम होने की शिकायत लेकर शेजवार MP Police थाने पहुंचे थे। तब कई स्तर से फोन आने पर शिकायत पर सुनवाई हुई थी और बमुश्किल दस्तावेज गुम होने की लिखित शिकायत थाने के स्टाफ ने ली। मगर लीज के दस्तावेजों के साथ उसके पंजीयन रिकॉर्ड भी नहीं मिलने पर वे फिर MP Police थाने पहुंचे तो इस बार पुलिस के स्टार वाले अफसरों ने उनकी शिकायत को बेहद शंका की दृष्टि से देखा। अब दाल में काला होने के पुलिसिया अंदाज का बर्ताव उनके साथ कथित रूप से होने लगा है। मामला करोड़ों की संपत्ति से जुड़ा होने की वजह से शेजवार पुलिस थाने के चक्कर लगा रहे हैं। यहां उल्लेखनीय है कि शेजवार सात बार विधायक रहे हैं। भाजपा BJP के विपक्ष में होने पर नेता प्रतिपक्ष और Madhya Pradesh सरकार बनने पर स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, वन से लेकर कई विभागों में मंत्री रह चुके हैं और इन दिनों वे अपनी संपत्ति के दस्तावेजों के गुमने की शिकायत दर्ज कराने के लिए MP Police थाने में चक्कर लगा रहे हैं।
न सीएम रुके न ट्रेन …. मंत्री व सीएम हरी झंडी दिखाकर चले गए …. फिर सांसद आए और श्रोताओं को भाषण दिया
भाजपा BJP में लगता है कि इन दिनों अनुशासन केवल नीचे के स्तर पर कार्यकर्ताओं के लिए रह गया है। ऐसी ही कुछ परिस्थितियां Madhya Pradesh राजधानी भोपाल में बन रही हैं जहां नेताओं ने अपनी अपनी टेरिटरी में दूसरे नेताओं के प्रवेश पर अघोषित आपातकाल जैसा लगा रखा है। पिछले दिनों नरेला विधानसभा क्षेत्र के निशातपुरा रेलवे स्टेशन का शुभारंभ हुआ जो करीब तीन साल से तैयार था। मोहन सरकार के मंत्री विश्वास सारंग के क्षेत्र में स्थित इस स्टेशन का नाम वे अपने पिता कैलाश सारंग के नाम पर रखवाना चाहते थे मगर उनकी दो तीन साल पुरानी यह चाहत पूरी नहीं हो सकी। जैसे तैसे पिछले सप्ताह स्टेशन का शुभारंभ हुआ जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव CM MOHAN YADAV भी पहुंचे थे। कार्यक्रम में रेलवे के जोनल व मंडल स्तर के अधिकारी भी थे। सीएम CM MOHAN YADAV व मंत्री सारंग के जाने पर देरशाम को कार्यक्रम संपन्न हुआ मगर इसके बाद सांसद आलोक शर्मा की गाड़ी वहां पहुंची। तब तक वहां कुछ लोग ही बचे थे तो केंद्र सरकार का मामला होने की वजह से सांसद के आने पर रेलवे के अधिकारी-कर्मचारी को मजबूरन बैठना पड़ा। सांसद ने बचे हुए इन श्रोताओं को अपना भाषण दिया और वे चले गए। वहां मौजूद लोग फुसफुसाते हुए बोले कि सांसद महोदय की सारंग से तो पहले से ही पटरी नहीं बैठ रही थी, लगता है कि सीएम CM MOHAN YADAV का भी इन पर ज्यादा ध्यान नहीं है। नहीं तो सीएम केंद्र सरकार के कार्यक्रम के लिए सांसद के आने का इंतजार तो करते ही या कोई सूचना तो मंच से दी ही जाती।
मुख्य सचिव बदलने से दिखेगा बदलाव …. कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस के बाद परिवर्तन संभव
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल CS ASHOK BARNWA के कार्यभार ग्रहण करने के बाद अब तक करीब दो दर्जन आईएएस अधिकारियों के प्रभारों में बदलाव हो चुका है मगर यह परिवर्तन सीएस की काम करने की सोच का प्रतीक नहीं माना जा रहा है। वास्तविक बदलाव जल्द ही होने वाली कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस के बाद होने वाले परिवर्तनों में दिखाई देगा जिसमें सीएम डॉ. मोहन यादव CM MOHAN YADAV और सीएस बर्णवाल की जुगलबंदी की झलक नजर आएगी। वैसे पिछले मुख्य सचिव अनुराग जैन को केंद्र सरकार का प्रतिनिधि समझा जाता रहा था और उनके कार्य करने की शैली राज्य सरकारों की काम करने की गति से कई बार अलग दिखाई भी दी थी। हालांकि बर्णवाल CS ASHOK BARNWA को जैन की पसंद कहा जाता है मगर Madhya Pradesh राज्य मंत्रिपरिषद से उनके संबंध जैन की तुलना में बेहतर माने जा रहे हैं। कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस के बाद उनकी काम करने की शैली का अंदाज लगाया जा सकेगा जो आईएएस-आईपीएस को सौंपी जाने वाली जिम्मेदारियों में दिखाई देगा।
भोपाल में हैदराबाद पुलिस अकादमी का एक ठिकाना …. प्रोबेशनर्स लेंगे व्यावहारिक सीख व अनुभव
चलते चलते आपको बताते हैं कि भोपाल के पास हैदराबाद की सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी SVPNPA का एक ठिकाना विकसित हो गया है। यहां अकादमी SVPNPA प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारियों को व्यावहारिक सीख और विभिन्न अनुभव के लिए भारत दर्शन प्रोग्राम के तहत भेज रहा है। मध्य प्रदेश Madhya Pradesh की राजधानी से सटे सीहोर जिले के बिलकिसगंज में यह संस्थान है सुमिरन। 300 एकड़ के परिसर में फैले इस संस्थान में पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण की दिशा में कैसे काम किया जाता है, यह देखा जा सकता है। जैविक खेती, जल संरक्षण को जानने के साथ प्रोबेशनर्स को यहां व्यावहारिक और जमीनी स्तर के इनोवेशन से जुड़ने के महत्व को समझने के अवसर भी मिल रहे हैं। पर्यावरण, ग्रामीण विकास, सामुदायिक लचीलेपन और समावेशी विकास की नीतिगत चुनौतियों की समझ को मज़बूत करने में भी युवा अधिकारियों को यहां के माहौल को देखने से भविष्य में मदद मिलने की उम्मीद की जा रही है। इन सब खूबियों के कारण ही इस संस्थान को राष्ट्रीय पुलिस अकादमी SVPNPA ने अपने भारत दर्शन के चुनिंदा 12 संस्थानों में शामिल किया है।
