मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में करीब ढाई साल पहले पीसीसी चीफ PCC President और नेता प्रतिपक्ष CLP पहले हाईकमान ने युवा नेतृत्व को बागडोर सौंपी थी और राहुल गांधी Rahul Gandhi के भरोसेमंद दो नेताओं जीतू पटवारी और उमंग सिंघार पर पार्टी ने भरोसा जताया था। मगर राहुल Rahul Gandhi के भरोसेमंद ये नेता ढाई साल बाद भी मध्य प्रदेश Madhya Pradesh Congress के कुछ वरिष्ठ नेताओं को भरोसा नहीं जीत पाए हैं। मीडिया को ऐसे ही एक नेता ने बयान देकर दोनों नेताओं के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं और भाजपा को फिर मौका दे दिया है। आईए आपको बताते हैं कि किस नेता ने किस तरह अपने प्रदेश अध्यक्ष PCC President और नेता प्रतिपक्ष CLPसे ज्यादा दूसरे नेताओं पर भरोसा जताया है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस Madhya Pradesh Congress में युवा नेतृत्व के रूप में पीसीसी चीफ PCC President जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष CLP उमंग सिंघार को कमान संभाले ढाई साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। शुरुआत के कुछ समय तक इन दोनों की जोड़ी राम लखन जैसी लगी मगर फिर यह फिल्म की कहानी जैसे विपरीत ध्रुव बनते गए। अब देखा जाता है कि दौरों में भी दोनों के बीच समन्वय नहीं होता है और जब वे एकसाथ किसी कार्यक्रम में होते हैं तो तू तड़ाक भाषा का इस्तेमाल कर घनिष्ठता दिखाने की कोशिश की जाती है। इन दोनों के बीच जैसे भी संबंध हों मगर वे प्रदेश के नेताओं का भी भरोसा नहीं जीत पाए हैं। यह बात अलग है कि प्रदेश के वरिष्ठ नेता खुलकर इस बारे में कुछ नहीं बोलते मगर अनौपचारिक चर्चा में उनका जो दर्द बाहर निकलता है, वह इन युवा नेतृत्व के भरोसे पर आकर टिक जाता है।
दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती Rajendra Bharti ने एक मीडिया समूह के साथ कैमरे के सामने घुमा फिराकर भरोसे न करने की बात को कबूल भी किया। भारती ने कहा कि उन्हें दिग्विजय सिंह Digvijay Singh और कमलनाथ Kamal Nath पर भरोसा है। हालांकि उन्होंने खुलकर जीतू पटवारी और उमंग सिंघार पर भरोसा नहीं करने की बात नहीं की मगर यह जरूर कहा कि भरोसा उस पर किया जाता है जो संकट के समय साथ दे। इस मामले में भारती Rajendra Bharti ने दिग्विजय सिंह Digvijay Singh और कमलनाथ Kamal Nath को भरोसेमंद बताया।
