मध्य प्रदेश Madhya Pradesh कांग्रेस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव CM Mohan Yadav और उनके परिवार के खिलाफ गड़बड़ी करके उज्जैन Ujjain में जमीनों को खरीदने के कथित मामले में पार्टी की लाइन तय होने के बाद अनुशासनहीनता का उबाल आया है। दिग्विजय सिंह Digvijay singh ने अपनी दलाल टिप्पणी पर भले ही पलटी मार दी हो लेकिन वहां से शुरू हुई अनुशासनहीनता पीसीसी पदाधिकारियों व प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष तक ने पार्टी नेताओं पर तीखी टिप्पणियां कर दीं। पार्टी नेतृत्व ने दिग्विजय सिंह Digvijay singh को छोड़ दूसरे सामान्य नेताओं पर डंडा चलाया है। इस परिस्थिति के बनने के पीछे कारणों पर हाईकमान और प्रदेश नेतृत्व को जाने की जरूरत है जिसमें यह कहा जा रहा है कि पीसीसी में संगठन-प्रशासन लचर है। पढ़िये रिपोर्ट।
Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव CM Mohan Yadav, उनके परिवार की उज्जैन में जमीन खरीदी की राष्ट्रीय समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस में रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने मुद्दे को हाथ में लिया। पार्टी की इस लाइन के खिलाफ या वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ बयान देने या सोशल मीडिया पर पोस्ट अपलोड करने वाले नेताओं पीसीसी की महासचिव निधि चतुर्वेदी, महिला उत्पीड़न प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका किरार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। वहीं, पीसीसी के पूर्वे महासचिव राकेश यादव के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी पर वसूली करने के लिए प्रदेश के दौरे करने और जीतू पटवारी की डिग्री पर सवाल उठाते हुए उन्हें पढ़ना लिखना नहीं आने का तंज कसते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को क्लीनचिट देने पर निष्कािसित किया गया है।
दिग्विजय पर लचर कांग्रेस रुख तो दूसरे नेताओं पर सख्ती
Madhya Pradesh मुख्यमंत्री मोहन यादव व उनके परिवार के जमीन खरीदने के मामले के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीएम के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी पर भी आरोप लगाए। पटवारी के आरोप लगाए जाने के दूसरे दिन दिग्विजय सिंह Digvijay singh उज्जैन Ujjain पहुंच गए। वहां न केवल मुख्यमंत्री यादव के सांस्कृतिक सलाहकार तिवारी को क्लीनचिट दे दी थी बल्कि अपने बयान में दलाल शब्द के इस्तेमाल पर पलटी मार गए थे। दलाल शब्द का उपयोग को लेकर उज्जैन Ujjain में दिए गए बयान को लेकर उन्होंने जीतू पटवारी के साथ पीसीसी में प्रेस कांफ्रेंस में सफाई दी थी।
दिग्विजय के बयान पर प्रतिक्रिया को अनुशासन
दिग्विजय सिंह Digvijay singh के खिलाफ पार्टी का रवैया लचीला नजर आया मगर सामान्य नेताओं के खिलाफ सख्ती दिखाई गई। कांग्रेस नेताओं के बीच चर्चा है कि बड़े नेताओं को बयान की सफाई देने की मोहलत देकर छोड़ दिया गया है जबकि प्रेस कांफ्रेंस में दलाल शब्द का इस्तेमाल जानबूझकर करते हुए वे दिखाई दिए। दलाल शब्द का इशारा दिल्ली के नेताओं की तरफ भी था। मगर दिग्विजय सिंह के इस दुस्साहस पर पार्टी हाईकमान हो या प्रदेश कांग्रेस कमेटी चुप्पी साधे है। दूसरी तरफ तीन सामान्य नेताओं महिला उत्पीड़न प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका किरार, पीसीसी की महासचिव निधि चतुर्वेदी को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ बयान देने पर कारण बताओ नोटिसे जारी कर दिया। वहीं, इंदौर के पीसीसी के पूर्व महासचिव राकेश यादव के खुलकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के संगठन सृजन में पैसे लेकर नियुक्तियां करने और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के प्रदेश दौरों में वसूली करने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के राकेश यादव के बाद पीसीसी ने उनका निष्कासन कर दिया है।
