मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव Chief Minister Dr Mohan Yadav के परिवार से जुड़े उज्जैन में जमीन खरीदी मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह Digvijay Singh ने दावे के साथ कहा कि इंडियन एक्सप्रेस में खबर के छपने की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी PM Narendra Modi और गृह मंत्री अमित शाह Amit Shah को थी। वहीं, उन्होंने मोहन यादव Chief Minister Dr Mohan Yadav के कुछ करीबियों के नाम लेकर कहा कि उनके संबंधों को लेकर वे अभी पड़ताल करेंगे। अयोध्या Ayodhya के राम मंदिर Ram Madir के दानपात्र से चोरी के मामले में उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी PM Narendra Modi जिम्मेदार हैं क्योंकि उन्होंने ही ट्रस्ट में सदस्यों की नियुक्ति की थी। सिंह ने अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी PCC Chief Jitu Patwari के वीर भारत न्यास को 500 करोड़ की जमीन एक रुपए में देने के आरोपों पर सरकार को क्लीनचिट भी दे दी है। पढ़िये रिपोर्ट।
दिग्विजय सिंह Digvijay Singh ने मुख्यमंत्री यादव Chief Minister Dr Mohan Yadav के गृह जिले उज्जैन में पत्रकार वार्ता में यह दावे किए। उन्होंने कहा कि जमीनों की खरीदी की खबरें काफी समय से उज्जैन से लेकर भोपाल तक चल रही थी। इसकी खबर इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित होने की जानकारी मोदी Narendra Modi और अमित शाह Amit Shah को भी थी। दिग्विजय सिंह Digvijay Singh ने कहा कि उनकी मंजूरी के बाद ही खबर का प्रकाशन हुआ है। वहीं, सिंह ने उज्जैन में वीर भारत न्यास को 500 करोड़ रुपए की जमीन एक रुपए में देने के कांग्रेस के आरोपों पर सरकार को क्लीनचिट दे दी है। यह आरोप पिछले दिनों पीसीसी चीफ जीतू पटवारी PCC Chief Jitu Patwari ने दिल्ली में एआईसीसी मुख्यालय AICC HQ में राज्यसभा के नवनिर्वाचित सदस्य पवन खेड़ा के साथ प्रेस कांफ्रेंस में लगाए थे और कहा था कि सीएम मोहन यादव के करीबी श्रीराम तिवारी को यह जमीन दी गई है।
यादव की पीएचडी थीसिस गोपाल शर्मा ने लिखी थी
पूर्व मुख्यमंत्री सिंह Digvijay Singh ने मुख्यमंत्री मोहन यादव Chief Minister Dr Mohan Yadav की पीएचडी Ph.D को लेकर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे तो यादव Chief Minister Dr Mohan Yadav की पीएचडी Ph.D की शिकायत मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि थीसिस शिक्षक गोपाल शर्मा ने लिखी है। तब गोपाल शर्मा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि थीसिस मोहन यादव ने ही लिखी है। सिंह को प्रेस कांफ्रेंस में बताया गया कि गोपाल शर्मा इस समय यूजीसी के मैंबर हैं तो उन्होंने तंज कसा कि जो व्यक्ति मोहन यादव Chief Minister Dr Mohan Yadav की थीसिस लिखेगा तो वह यूजीसी का मेंबर तो बनाया ही जाएगा।
आरएसएस और विहिप को धर्म से नहीं सत्ता से मतलब
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह Digvijay Singh ने आरोप लगाया कि आरएसएस RSS और विश्व हिंदू परिषद VHP को धर्म या धार्मिक व्यवस्था से कोई मतलब नहीं है। उन्हें केवल सत्ता से मतलब है। यह लोग ज्यादा से ज्यादा भूमि हड़पते हैं। चरित्र की बातें तो करते हैं लेकिन भ्रष्ट हैं। आरएसएस पंजीकृत नहीं हैं और यह गुरुदक्षिणा पर कोई टैक्स नहीं देते हैं। प्रदेश ने इन्हें ताकतवर बना दिया है और आज इनका सभी संस्थाओं पर कब्जा हो गया है।
मठ-मंदिरों पर आज आरएसएस-विहिप का कब्जा
कांग्रेस नेता Digvijay Singh ने कहा कि राम मंदिर Ram Madir अयोध्या Ayodhya की लड़ाई हनुमानगढ़ी के निर्मोही अखाड़ा व गुरू गोरखनाथ जी के मठ द्वारा 19वीं सदी से चली आ रही थी। 1984 में भाजपा ने इसे अपने हाथ में लिया और राजनीतिक लाभ के लिए इसे हथियाया। चंपत राय के बारे में सिंह Digvijay Singh ने बताया कि आरएसएस RSS से जुड़े रहे और आपातकाल में गिरफ्तारी के बाद भाग गए। संघ के प्रचारक बन गए और फिर विहिप VHP में चले गए। राय ईमानदार बनते हैं लेकिन भ्रष्ट हैं।
मोदी और भागवत के कहने पर यह सब हो रहा
सिंह Digvijay Singh ने बताया कि विहिप VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार कहते हैं कि साढ़े 12 करोड़ भारतीय परिवारों ने चंदा दिया यानी करीब सत्तर करोड़ लोगों ने चंदा दिया। गांव-गांव में चंदा वसूला गया। इन लोगों को अब ठगा जा रहा है। चंदा चोरी की एफआईआर तब हुई जब एसआईटी की रिपोर्ट आई। जबकि आरोपियों के घर से नकदी की वसूली हो गई थी और तब तक कुछ नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी की भी गई तो पुलिस रिमांड नहीं लिया गया और सीधे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। अब आरएसएस RSS और विहिप VHP उन्हें बचाने में जुटे हैं। सिंह Digvijay Singh ने यही आरोप नहीं लगाया बल्कि कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी PM Narendra Modi और आरएसएस RSS प्रमुख मोहन भागवत Mohan Bhagwat के कहने पर यह सब हो रहा है।
