देश INDIA की बड़ी बड़ी नीट NEET और सीबीएसई CBSE जैसी परीक्षाएं में सिस्टम की लापरवाही से छात्र-छात्राएं डिप्रेशन में जा रहे हैं। सीबीएसई CBSE के मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के पन्ना के एक छात्र ने तो मीडिया के सामने बिलखते हुए कहा कि वह सक्षम था मगर आंसरशीट की जांच सही ढंग से नहीं की गई। पढ़िये परीक्षाओं में सिस्टम की लापरवाही से पीड़ित युवाओं की व्यथा की रिपोर्ट।
यह केवल एक सीबीएसई CBSE के छात्र की व्यथा नहीं है बल्कि देश INDIA की बड़ी बड़ी परीक्षाओं में बैठने वाले छात्र और छात्राओं की है जिनका भविष्य सिस्टम की लापरवाहियों के कारण अंधकार में चला गया है। इस मुद्दे को लेकर जहां अमेरिका में बैठे अभिषेक दिपके ने उठाकर कॉकरोच जनता पार्टी खड़ी की और आज दिल्ली में जंतर मंतर पर युवाओं के आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे पर देशभर में 28 चुनिंदा प्रमुख शहरों में 40 दिन के छात्रों की गूंज अभियान का ऐलान किया है जिसकी कड़ी में आज भोपाल में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के राष्ट्रीय सह प्रभारी अंशुल त्रिवेदी व सांसद इमरान मसूद ने प्रेस कांफ्रेंस कर विभिन्न परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को साथ लेकर चर्चा की।
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के पन्ना जिले के सीबीएसई CBSE का छात्र तो पीड़ा सुनाते सुनाते ऐसा व्यथित हो गया कि उसने माइक पर ही बिलखना शुरू कर दिया। उसने कहा कि हिंदी में उसे आंसरशीट में उत्तर लिखने के बाद एक उत्तर नहीं जांचे जाने से 17 नंबर नहीं मिले तो केमिस्ट्री में भी कुछ इसी तरह आंसरशीट जांचने में लापरवाही से उसे कम नंबर मिल सके। जब उसने सीबीएसई CBSE के मुख्यालय के अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने जोनल कार्यालय में संपर्क करने की सलाह दी, जहां से अब कुछ नहीं होने का जवाब दे दिया। इतनी गड़बड़ी के बाद भी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उसने माइक पर ही कहा कि वह इस कदर डिप्रेशन में है कि माता-पिता को चिंता रहती है कि बेटा कुछ गलत कदम नहीं उठा ले। इसी तरह नीट NEET की Madhya Pradesh खंडवा की छात्रा ने 14 घंटे की पढ़ाई के बाद भी सिस्टम की लापरवाही से उसे जो सरकारी मेडिकल कॉलेज की सीट मिलने वाली थी, आज वह सड़क पर खड़ी है। सिस्टम की खामियों का नुकसान छात्र-छात्राएं भुगत रहे हैं और सिस्टम में सुधार की सख्त जरूरत है।
