मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव Chief Minister Dr Mohan Yadav, उनके परिवार व रिश्तेदारों के उज्जैन जिले में जमीनों के सौदों पर कांग्रेस की घेराबंदी के दूसरे दिन अब दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में सीएम Madhya Pradesh Chief Minister के करीबी श्रीराम तिवारी ShriRam Tiwari पर जमीन देने की मेहरबानी के आरोप लगाए। तिवारी को एक ट्रस्ट के माध्यम से 500 करोड़ की जमीन को एक रुपए में देने के आरोप लगाकर मुख्यमंत्री Chief Minister को फिर घेरा। दो दिन में मीडिया रिपोर्ट व कांग्रेस के आरोपों के बाद भी उसमें घिरे किसी भी व्यक्ति या परिवार ने सफाई नहीं दी। आरोपों पर बचाव में आए तो भाजपा BJP के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मोहन सरकार के मंत्रियों की टीम जिनका व्यक्तिगत संपत्ति खरीदी के मामलों से कोई लेना-देना नहीं है। पढ़िये रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के मुख्यमंत्री Chief Minister Dr Mohan Yadav यादव, उनके परिवार, रिश्तेदारों व उनकी कंपनियों द्वारा उज्जैन जिले में जमीनों के सौदों को लेकर मंगलवार को मीडिया रिपोर्ट आई थी जिसको लेकर बवाल मचा था। इसके आधार पर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भोपाल में पत्रकार वार्ता लेकर आरोप लगाकर मुख्यमंत्री Chief Minister Dr Mohan Yadav से सवाल किए थे। मगर उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं दिए जाने पर आज दूसरे दिन जीतू पटवारी ने दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में राज्यसभा के नवनिर्वाचित सदस्य पवन खेड़ा के साथ मिलकर सीएम Chief Minister Dr Mohan Yadav यादव पर एक अन्य जमीन को करीबी को देने के आरोप लगाए। कांग्रेस ने सीएम यादव के करीबी श्रीराम तिवारी को एक रुपए में 500 करोड़ रुपए की जमीन ट्रस्ट के नाम पर दे देने के आरोप लगाए हैं। तिवारी सीएम के सांस्कृतिक सलाहकार हैं।
जाने कौन हैं श्रीराम तिवारी
श्रीराम तिवारी ShriRam Tiwari मध्य प्रदेश Madhya Pradesh शासन की वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव हैं और महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक हैं। कहा जाता है कि श्रीराम तिवारी ShriRam Tiwari मीडिया विशेषज्ञ हैं। दिग्विजय सरकार में भी तिवारी काफी ताकतवर रहे हैं मगर Ex Chief Minister Shivraj Singh Chouhan शिवराज सिंह चौहान सरकार के समय इनके दिन कुछ समय अच्छे नहीं रहे। Chief Minister Dr Mohan Yadav मोहन यादव की सरकार आते ही श्रीराम तिवारी ShriRam Tiwari के अच्छे दिन शुरू हो गए और वे मुख्यमंत्री के सलाहकार बने। उन्हें सरकार ने वीर भारत न्यास का न्यासी सचिव बना दिया जिसका बड़ा ऑफिस भोपाल के रवींद्र भवन में अत्याधुनिक साधनों से सजा है। इस न्यास के नाम पर ही उज्जैन में जमीन रियायती कीमत पर आवंटन किया गया जिसको लेकर कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री यादव पर आरोप लगाया है।
आरोपों में घिरे सामने नहीं आए, भाजपा व सरकार के मंत्रियों ने दी सफाई
मुख्यमंत्री Chief Minister Dr Mohan Yadav यादव, उऩके परिवार और रिश्तेदारों व कंपनियों के उज्जैन में जमीन के सौदों के आरोपों में घिरे लोगों में से दूसरे दिन भी कोई सामने नहीं आया। उनमें से अब तक किसी ने भी जमीनों को लेकर लग रहे आरोपों को न तो गलत बताया और न ही सफाई दी है। बस जो सामने आए उनमें मंगलवार को भाजपा BJP के प्रदेश Madhya Pradesh BJP अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और दूसरे दिन बुधवार को मंत्रियों की टीम आई। खंडेलवाल ने जहां मंगलवार की रात को आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि ओबीसी मुख्यमंत्री Chief Minister Dr Mohan Yadav को कांग्रेस नहीं पचा पा रही है। वहीं, बुधवार को सिंधिया Scindia समर्थक मोहन सरकार के मंत्री तुलसीराम सिलावट ने लिखित बयान को पढ़कर अपने मुख्यमंत्री, उनके परिवार व रिश्तेदारो की जमीनों के बारे में बताया और कहा कि कांग्रेस के आरोप गलत हैं। इसी तरह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व मोहन सरकार के वरिष्ठ मंत्री राकेश सिंह ने भी कांग्रेस के आरोपों को निराधारपूर्ण बताया तो पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर की मोहन सरकार में मंत्री बहू कृष्णा गौर ने मुख्यमंत्री Chief Minister Dr Mohan Yadav का ओबीसी नेता के नाते बचाव किया और कहा कि कांग्रेस ओबीसी मुख्यमंत्री को बदनाम कर रही है।
