मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव CM Dr Mohan Yadav और उनके परिवार व रिश्तेदारों के जमीन सौदों के राज सार्वजनिक करने वाले पार्टी के ही कुछ राजदारों पर शंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। इन राजदारों ने एक नामी शराब माफिया liquor mafia के साथ मिलकर यादव व उनके परिवार और रिश्तेदारों के जमीनों के सौदों के दस्तावेजों सार्वजनिक किया। पढ़िये रिपोर्ट कि किस तरह पार्टी नेताओं और यादव के बीच आंतरिक मतभेद बढ़े और शराब माफिया liquor mafia को क्या बढ़ा नुकसान हुआ था जिससे सीएम CM की छवि पर दाग लगाकर वे राहत महसूस कर सकते हैं।
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के मुख्यमंत्री डॉ. यादव CM Dr Mohan Yadav, उनके परिवार और रिश्तेदारों के नाम से उज्जैन जिले में जमीनों के सौदों को लेकर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद अब तक भाजपा ने सीधे कार्रवाई नहीं की है। यह जरूर है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल MP BJP President Hemant Khandelwal ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के आधार पर मध्य प्रदेश Madhya Pradesh कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आरोपों का खंडन करते हुए उन्हें निराधार जरूर बताया है। मगर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव CM Dr Mohan Yadav या उनके परिवार रिश्तेदारों की ओऱ से अभी सफाई या आरोपों पर संबंधितों के विरुद्ध एक्शन का कोई बयान नहीं दिया गया और न ही विधिक कार्रवाई की गई है।
अखिलेश के बयान से सार्वजनिक हुआ मोहन यादव रियल एस्टेट कारोबारी
बहरहाल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव CM Dr Mohan Yadav, उनके परिवार के कारोबार को लेकर उत्तर प्रदेश UP के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव UP Ex CM Akhilesh Yadav ने यह जरूर सार्वजनिक कर दिया है कि वे रियल एस्टेट में कई सालों से हैं। तो जाहिर है कि उनके द्वारा जमीनों की खरीद फरोख्त होती रही होगी। मगर उनके मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम MPTC के अध्यक्ष, उच्च शिक्षा मंत्री या मुख्यमंत्री CM बनने की अवधि से लेकर अब तक जमीन के सौदों के बारे में दस्तावेजों के सार्वजनिक रूप से खुलासा पहली बार हुआ है। चुनाव आयोग में शपथ पत्र में भी इतने विस्तार से जमीनों की मालिकाना जानकारी नहीं दी गई होगी।
राजदारों में से तलाश उसकी जिसने साजिश की
स्वाभाविक है कि अब मुख्यमंत्री मोहन यादव CM Dr Mohan Yadav, उनके परिवार व रिश्तेदारों के जमीनों के सौदों की जानकारी रखने वाले राजदार की तलाश होगी क्योंकि सीएम की छवि पर बड़ा धब्बा लगाया गया है। यह आशंका चर्चा में है कि साजिश करने वालों में पार्टी के ही कुछ बड़े नेता हैं। इनमें से दो मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के राष्ट्रीय स्तर के नेता पर शंका की सुई है। इन दोनों ही नेताओं को मोहन यादव CM Dr Mohan Yadav के राजनीतिक कद के बढ़ने से भारी नुकसान हो चुका है और भविष्य में भी यह नुकसान होने के संकेत उन्हें दिखाई दे रहे थे। प्रदेश Madhya Pradesh में इन दोनों दबंग नेताओं का अपना वर्चस्व रहा था जो अब ढाई साल में लगभग समाप्त हो चुका है। यह कहा जा रहा है कि यादव CM Dr Mohan Yadav और उनके परिवार के जमीनों के सौदों के दस्तावेजों को जुटाने से लेकर सार्वजनिक करने की साजिश में इन नेताओं का साथ एक शराब माफिया liquor mafia ने दिया जिसे प्रदेश सरकार की आबकारी नीति की वजह से भारी नुकसान हो चुका है। अब देखना यह है कि शंका के घेरे में फंस रहे इन नेताओं व शराब माफिया liquor mafia से भाजपा व मोहन यादव Mohan Yadav कैसे निपटती है।
