कुरु कुरु स्वाहा Kurukuruswaha के सोमवार के नियमित स्तंभ में इस बार राजनीतिक Politics और प्रशासनिक Administration गलियारों के साथ स्कूल शिक्षा की कुछ जानकारियों को आप तक पहुंचाने की कोशिश है। यह आपको कैसी लगी, टिप्पणी कर बताईये और वेबसाइट व इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स पर हमारे इस स्तंभ को शेयर, लाइक करने के साथ सब्सक्राइव भी कीजिए।
इन दिनों शब्दों के अर्थ ही बदले जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Priminister Narendra Modi के प्रधानमंत्रित्वकाल के 12 साल के रिकॉर्ड के बारे में सरकारों ने अखबारों-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जोरशोर के साथ प्रचार प्रसार ही नहीं किया बल्कि मध्य प्रदेश Madhya Pradesh भाजपा BJP ने भोपाल में मीडिया संवाद का आयोजन भी किया। यहां संवाद शब्द का पहली बार मतलब समझ आया कि बस एकतरफा बात। आयोजन तो बड़ा आलीशान किया गया मगर मीडिया संवाद में न कैमरों की परमिशन दी गई और न कोई सवाल करने की इजाजत। बस था तो यह कि 12 साल में मोदी सरकार Priminister Narendra Modi की योजनाओं के आंकड़ों से सजा साहित्य। पॉकेट में रखने लायक साहित्य से लेकर बड़ी पुस्तकों के आकार में यह साहित्य, बैग में दे दिया जो किसी स्कूल के विद्यार्थी के बैग से कम नहीं था। BJP मीडिया संवाद में बैग लो, अच्छा खाना खाओ मगर सवाल पूछे बिना चले जाओ। इस आयोजन के बाद समझ आया कि संवाद का अब तक हम जो मतलब समझ रहे थे, वह आज के समय में बदल चुका है।
कांग्रेस में भरोसे का संकट….साथ में प्रदर्शन, फिर भी पीए से जासूसी
कहते हैं कि दूध का जला छाछ भी फूंक फूंक कर पीता है। कमोबेश यह स्थिति मध्य प्रदेश कांग्रेस नेताओं और दिल्ली के नेताओं के बीच बनती जा रही है। शायद भरोसे का संकट है। बात राज्यसभा चुनाव Rajya Sabha Election में कांग्रेस INC प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को निरस्त किए जाने के घटनाक्रम के दौरान की है। मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के कांग्रेस विधायकों को पीसीसी PCC अपने साथ दिल्ली लेकर गई थी और वहां राष्ट्रपति से समय नहीं मिलने पर विरोध स्वरूप प्रदर्शन किया था। दिल्ली पुलिस ने मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के नेताओं को बैरिकेट्स लगाकर राष्ट्रपति भवन जाने से रोककर उनकी गिरफ्तारियां कर लीं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी AICC के प्रदेश Madhya Pradesh प्रभारी हरीश चौधरी भी गिरफ्तारी देने वालों में थे मगर उन्होंने अपने पीए को बस से उतार दिया और इशारों ही इशारों में कुछ कहा। वहां देखा गया कि प्रदर्शन करने पहुंचे मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के अधिकांश विधायक गिरफ्तारी देने से बचते नजर आए और कानाफूसी भी करते दिखाई दिए। कहा जा रहा है कि चौधरी ने अपने पीए को नीचे इसीलिए उतारा था कि विधायक आपस में घटनाक्रम को लेकर किस तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बहरहाल, हरीश चौधरी के पीए चाहे जिस वजह से बस से नीचे उतरे हों, मगर देखा गया कि विधायक में ज्यादातर गिरफ्तारी देने से बचते बचाते हुए वहां से खिसक गए। चौधरी के साथ पीसीसी PCC चीफ जीतू पटवारी दिल्ली पुलिस की गिरफ्तारी के दौरान दिल्ली के एक कोने में प्रदर्शनस्थल से कई किलोमीटर दूर पांच घंटे तक बैठे रहे।
आरोपों की वजह से एक्शन या नौकरशाहों को गारंटी देना बना कारण
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में एकबार फिर बड़ा प्रशासनिक IAS फेरबदल हुआ जिसमें मुख्यमंत्री सचिवालय के आलोक कुमार सिंह भी हैं। सीएम के विश्वस्त अधिकारी कहे जाने वाले IAS आलोक कुमार सिंह के तबादले को लेकर दो तरह की चर्चाएं हैं। पहली चर्चा मीनाक्षी नटराजन के नामांकन से जुड़ी है तो दूसरी कुछ आईएफएस अधिकारियों से उनकी नजदीकियों को बताया जा रहा है। नटराजन से जुड़ी चर्चा में कहा जा रहा है कि प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस INC के नेताओं के आरोप हैं कि IAS आलोक कुमार सिंह ने अपने रिश्तेदारों के माध्यम से उनकी चुनौतियों के प्रयासों को नाकाम किया। वहीं, दूसरी चर्चा में IAS आलोक कुमार सिंह के कुछ आईएफएस अधिकारियों से उनकी ऐसी नजदीकियां बताई जा रही हैं कि जंगल महकमे में मनचाही पोस्टिंग कराने की गारंटी दिए जाने की बातें हवा में तेजी से फैलीं। खैर जो भी कारण हो, मगर मुख्यमंत्री सचिवालय में ढाई साल में करीब डेढ़ दर्जन IAS अधिकारियों के तबादलों की सूची में IAS आलोक कुमार सिंह का नाम भी जुड़ गया है।
नामांकन पत्र निरस्त होने से कांग्रेस ने क्या राहत की सांस ली….बाल बाल बची नाक
राज्यसभा चुनाव Rajya Sabha Election में मध्य प्रदेश Madhya Pradesh कांग्रेस INC की प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त होने से माना जा रहा है कि कांग्रेस PCC के बड़े नेताओं ने राहत की सांस ली है। अगर नटराजन का नामांकन पत्र वैध घोषित हो जाता तो पार्टी के 62 विधायकों में से कई के क्रास वोटिंग करने की आशंकाएं थीं जिनको लेकर बड़े नेता चिंतित थे। विधायकों को परिवार के साथ 8 या 10 दिन के दक्षिण भारत के पिकनिक टूर पर भेजने की योजना थी मगर उसके बाद भी क्रास वोटिंग नहीं होगी, यह गारंटी कोई लेने को तैयार नहीं था। झारखंड में राज्यसभा चुनाव Rajya Sabha Election में जिस तरह की क्रास वोटिंग से भाजपा BJP ने अपने समर्थित प्रत्याशी को जितवाया, वही स्थितियां मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में भी थीं और इसी से बड़े नेता सहमे नजर आ रहे थे। चर्चाएं हैं कि नटराजन के नामांकन पत्र के निरस्त हो जाने पर इन नेताओं ने राहत की सांस ली और नाक कटने से बचने की भीतर ही भीतर खुशी मनाई। हालांकि नामांकन पत्र निरस्त होने का ठीकरा रिटर्निंग ऑफिसर पर फोड़ते हुए वे चुनाव आयोग, अदालत के दरवाजे पर पहुंचे। मगर यह सही है कि उनके दिल की बात उनका दिल ही जानता है।
स्कूल में यमलोकवासी की पदस्थापना….जीवित सूची से बाहर
तबादला उद्योग को लेकर बहुत सी चर्चाएं होती हैं मगर इस उद्योग में भ्रष्टाचार के साथ सूचियों में भी गड़बड़ियां की जाती हैं। स्कूल शिक्षा School Education विभाग में भ्रष्टाचार के साथ सबसे ज्यादा गड़बड़ियां होती रही हैं और इस बार तो बाबूराज में यमलोकवासी तक को सूची में ले लिया। यमलोकवासी एक दो नहीं डेढ़ दशक पहले धरती छोड़ चुके हैं मगर स्कूल शिक्षा विभाग ने उन्हें भी पदस्थापना दे दी। मामला कटनी का है जिसके ढीमरखेड़ा विकासखंड के संकुल केंद्र शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरियापान के मंगली के 15 साल पहले स्थापित हुए प्राथमिक स्कूल में महिपाल सिंह ठाकुर का नाम एजुकेशन पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया। महिपाल सिंह को दिवंगत हुए 15 साल हो चुके हैं और उनका नाम स्कूल की पदस्थापना में दिखाई देने से एक शिक्षक सूर्यकांत त्रिपाठी का नाम अतिशेष शिक्षक में दिखाई देने लगा। अब त्रिपाठी की पदस्थापना पर संकट आ गया है। यमलोकवासी के स्कूल में पढ़ाने का यह मामला है न रोचक, मगर इतनी बड़ी चूक के बाद भी स्कूल शिक्षा School Education विभाग एक्शन लेने के लिए जागा नहीं है। इसी तरह अशोक नगर में सालों पहले बंद हो चुके एक स्कूल में मास्साब की पदस्थापना का मामला भी हो चुका है जिसमें अब तक मास्साब परेशान घूम रहे हैं।
