मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के संस्कृति संचालनालय Directorate of culture ने 184 संस्थाओं को अनुदान Grants को स्वीकृति दी है जिनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना व दमोह जिलों की 144 संस्थाओं के बीच अधिकारियों ने अधिकांश राशि बांट दी है। अधिकारियों ने प्रदेश के अन्य जिलों में केवल 40 संस्थाएं ही अनुदान पाने के लायक पाईं। प्रदेश में सरकार के सूत्रधार समझे जाने वाले नेताओं की संस्था को भी संस्कृति संचालनालय Directorate of culture ने लाखों रुपए का अनुदान Grants देकर बंदरबाट की खामियों पर आवाज उठाने वालों की सुनवाई नहीं हो पाने के प्रबंध भी कर लिए। पढ़िये यह खुलासा करने वाली विशेष रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में संस्कृति संचालनालय Directorate of culture ने 184 अशासकीय संस्थाओं की 2025-2026 के लिए अनुदान Grants को स्वीकृत किया है। इनमें भोपाल की 77, उज्जैन की 18, इंदौर की 16, ग्वालियर, मुरैना की 12 व दमोह की 11, सागर व रायसेन की चार-चार, नर्मदापुरम की तीन, जबलपुर, खंडवा, बुरहानपुर, सीहोर, रतलाम, देवास, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, बैतूल, व कटनी की दो-दो और सतना, सीधी, छतरपुर, दतिया, भिंड, नीमच की एक-एक संस्थाओं को पात्र पाया गया है। कहा जा रहा है कि संस्कृति संचालनालय Directorate of culture ने कुछ ऐसे असरदार लोगों की संस्थाओं को मोटी रकम का अनुदान दिया है जिन्हें इसकी जरूरत ही नहीं थीॆ। इसके पीछे यह वजह बताई जा रही है कि 25-25 हजार रुपए की अनुदान Grants राशि देकर जो बंदरबाट की गई उसके खिलाफ उठने वाली आवाज पर सुनवाई से बचने के प्रबंध के तहत उपरोक्त संस्थाओं को अच्छी खासी राशि दी गई।
चार लाख से 20 लाख की अनुदान पाने वाली संस्थाएं
यहां आपको बता दें कि संस्कृति संचालनालय Directorate of culture ने सबसे बड़ी राशि का अनुदान Grants तुलसी मानस प्रतिष्ठान को 20 लाख रुपए के तौर पर दी है। वहीं, नर्मदा समग्र न्यास और दत्तोपंथ ठेंगड़ी शोध संस्थान को भी 15-15 लाख रुपए का अनुदान दिया गया है। यह संस्थान आरएसएस से संबद्ध हैं। सुरेश सोनी का भी इस संस्था से जुड़ाव है। इन संस्थाओं के अलावा दुष्यंत स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय को सात लाख, मप्र राष्ट्रभाषा प्रचार समिति को छह लाख तो इंदौर के श्री गणेश मंडल, मुक्त संवाद साहित्यिक समिति व सानंद न्यास, दमोह के नेहरू युवा नव जागृति नवयुक मंडल समिति को चार-चार लाख का अनुदान दिया गया है।
दो लाख से तीन लाख का अनुदान पाने वाली संस्थाएं
संस्कृति संचालनालय Directorate of culture ने भोपाल की सदाशिव संगीत नाट्य कला समिति को तीन लाख, इंदौर की आरंभ्य सोशल वेलफेयर सोसायटी को ढाई लाख, भोपाल की सेंटर फॉर ह्युमन वेलफेयर एंड डेवलपमेंट को सवा दो लाख, भोपाल की धरोहर पुरास्थल पुरावस्तु व सामाजिक संरण संस्था, इंदौर की उन्मुक्त सर्वजन कल्याण समाज सेवा संस्था, दमोह के के. श्रीकांत नेहरू युवा मंडल व युवा नाट्य मंच, ग्वालियर के मध्य भारतीय हिंदी साहित्य सभा, शिवपुरी की परिमल समाज कल्याण समिति, उज्जैन की परिष्कृत सामाजिक सांस्कृतिक संस्था को दो-दो लाख, भोपाल की सेवा भाव जागरण संस्था को पौने दो लाख, सागर की सेजल कल्याण समिति व भोपाल की भागीरथी नर्मदा करुणा प्रेस भिक्त संस्था को डेढ़-डेढ़ लाख और बुरहानपुर के जागृति कला केंद्र को सवा एक लाख रुपए का अनुदान Grants दिया है।
एक लाख अनुदान पाने वाली संस्थाएं
जिन संस्थाओं को एक लाख रुपए का अनुदान Grants दिया गया है उनमें भोपाल की अभिनव कला परिषद, मधुवन साहित्य संगीत कलाओं की मानक संस्था, ईश्वरम्मा ज्ञान सागर सोसायटी, मप्र मराठी साहित्य संघ, हिंदी लेखिका संघ, सशक्ति शिक्षा महिला एवं बाल कल्याण समिति, रंग शीर्ष संस्था, रुचि सोशल वेलफेयर सोसायटी, आरिणी चैरिटेबल फाउंडेशन, श्री नवज्योति हस्तशिल्प हाथकरघा एवं ग्रामोद्योग प्रशिक्षण समिति, मप्र लेख संघ और फोर्स जनकल्याण समिति, इंदौर की विजय सोशल वेलफेयर सोसायटी, वरदा कला संस्थान व दीपांजलि सोशल वेलफेयर सोसायटी, जबलपुर का महाराष्ट्र शिक्षा मंडल, रायसेन के विंग्स सोसायटी फॉर परफार्मिंग आर्ट्स और उज्जैन की काशी अन्नपूर्णा समाज कल्याण समिति, श्री साईं फाउंडेशन व प्रतिकल्पा सांस्कृतिक संस्था और ग्वालियर के स्वर म्युजिकल फाउंडेशन हैं।
