कुरु कुरु स्वाहा के सोमवार के इस नियमित स्तंभ में इस बार हम आपको यह जानकारी दे रहे हैं। सबसे पहले बताएंगे भाजपा के सरकार और संगठन में मीडिया प्रबंधन के बंटवारे पर विश्लेषण तो मुख्य सचिव की नियुक्ति में प्रदेश की भूमिका कैसी रही। इसके अलावा भोपाल पुलिस से जुड़े दो मामलों की व्याख्या करेंगे और अंत में बताएंगे कि दतिया उपचुनाव में किस तरह बदल रहे समीकरण। पढ़िये नियमित स्तंभः
भाजपा सरकार में संगठन का मीडिया प्रबंधन के दो ध्रुव ….. कमलनाथ सरकार की आई याद
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh भाजपा BJP में सरकार और संगठन के मीडिया प्रबंधन के बीच स्पष्ट लाइन खिंची दिखाई देने लगी है। संगठन के मीडिया विभाग की जिम्मेदारी ग्वालियर के आशीष अग्रवाल संभाल रहे हैं जो विष्णुदत्त शर्मा के कार्यकाल से चले आ रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी माने जाने वाले अग्रवाल ने हेमंत खंडेलवाल के साथ दूसरी पारी में अपनी कार्यकारिणी भी बना ली है मगर इन दिनों उनका यह रोल पार्टी तक ही सीमित रह गया है। वजह हैं भाजपा BJP सरकार के करीबी माने जाने वाले पार्टी के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी। कोठारी सरकार के कार्यक्रमों में अक्सर मीडिया से समन्वय की भूमिका निभाते हैं तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अधीन जनसंपर्क विभाग में अप्रत्यक्ष रूप से दखल रखते हैं। जनसंपर्क विभाग के मुखिया आयुक्त और संचालक के साथ जब ये उनके कक्ष में बैठते हैं तो वहां तैनात कर्मचारी बिना घंटी बजे भीतर जाने की हिमाकत नहीं कर सकते। वहीं, देखा गया है कि संगठन के मीडिया विभाग के प्रमुख आशीष अग्रवाल सरकार का जनसंपर्क विभाग से नाता नहीं रह गया है। इससे भाजपा BJP संगठन और सरकार में मीडिया प्रबंधन के लिए अलग अलग नेता पहचाने जाने लगे हैं। यह देखकर कमलनाथ सरकार का कार्यकाल भी याद आ जाता है। तब कमलनाथ के करीबी रहे नरेंद्र सलूजा जो अब दिवंगत हो चुके हैं, उनकी हर गतिविधि को जनसंपर्क विभाग से पहले जारी कर देते थे। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग की प्रभारी थीं शोभा ओझा। हालांकि ओझा की जनसंपर्क विभाग में तब दखलंदाजी ज्यादा थी।
मुख्य सचिव की नियुक्ति की फ्रेम में नहीं दिखे मुख्यमंत्री …. अशोक का अनुराग
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के नए मुख्य सचिव Chief Secretary अशोक बर्णवाल की नियुक्ति के तथाकथित घटनाक्रम की फ्रेम में इस बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव CM Moham Yadav दिखाई नहीं दे रहे हैं। कहा जा रहा है कि पिछली बार जब अनुराग जैन Anurag Jain को सेवावृद्धि मिली थी तब मुख्यमंत्री यादव के सीएम हाउस में मुख्य सचिव Chief Secretary की दौड़ में चल रहे राजेश राजौरा और सीएम की एक तस्वीर वायरल हुई थी। उससे लोगों को लगा था कि राजौरा दिन में सीएस Chief Secretary का प्रभार संभाल लेंगे लेकिन दिल्ली से आए सेवावृद्धि आदेश से वायरल तस्वीर की हवा निकल गई। उक्त घटनाक्रम के बाद इस बार 24 जुलाई 2026 तक मुख्य सचिव Chief Secretary का कार्यकाल होने पर भी अनुराग जैन Anurag Jain को सेवावृद्धि या केंद्रीय पुनर्वास की खबरें मीडिया में चल रही थीं। कोई भी 22 जुलाई 2026 तक दृढ़ता के साथ यह नहीं कह पा रहा था कि जैन का 23 जुलाई को अंतिम दिन होगा। माना जा रहा है कि सीएम हाउस में जब 22 जुलाई को अनुराग जैन Anurag Jain अपने जूनियर अशोक बर्णवाल को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव CM Moham Yadav के पास पहुंचे तब जैन की केंद्रीय नीति आयोग में नियुक्ति का खुलासा हुआ और जैन ने अपनी और केंद्र सरकार की पसंद के रूप में बर्णवाल को यादव से मिलवाया। तब दो गुलदस्ते सीएम CM Moham Yadav को भेंट किए गए, एक अनुराग जैन Anurag Jain की ओर से और दूसरा बर्णवाल की तरफ से। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सामने आई तस्वीर से एक बार फिर मुख्य सचिव Chief Secretary की नियुक्ति में मध्य प्रदेश Madhya Pradesh की भूमिका नहीं होने की बातें कही जाने लगी हैं।
गठबंधन …. थाने में हिस्ट्री शीटर नेता के सामने गणमान्य सेवक
वर्दीधारी, चौराहों पर दोपहिया गाड़ी चलाने वालों और थाने में आमजन पर रौब जमाते हैं मगर कलफ के कुर्ते पायजामे वाले टोपीधारी एक मंत्रीजी के नजदीकी अपराधी को फटकारने के पहले सोचते हैं। मध्य प्रदेश Madhya Pradesh पुलिस MP Police के जवानों के सामने आए दिन इस तरह अपने स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाली परिस्थितियां बनती रहती हैं। ताजा उदाहरण राजधानी के एक हिस्ट्री शीटर के बर्थ डे के दिन का है। भेल क्षेत्र के एक थाने में एक बदमाश जिसकी हिस्ट्री शीट में मारपीट, धमकाने, ड्रग कारोबार से जुड़े कई अपराध हैं मगर उस पर इन दिनों भाजपा सरकार के एक मंत्री का हाथ है। गंभीर अपराध की हिस्ट्री शीट वाले इस व्यक्ति ने 21 जुलाई को अपने बर्थ डे के लिए दर्जनों होर्डिंग और बैनर लगाए जिनमें टोपी वाले मंत्रीजी की हंसती हुई तस्वीर लगी थी। थाने के सामने से गुजरने वाली सड़क पर भी यह होर्डिंग बैनर लगे थे। बर्थ डे की शाम को पार्टी हुई जिसमें पुलिस MP Police की सुरक्षा ड्यूटी लगी थी क्योंकि मंत्रीजी भी उसमें पहुंच रहे थे। मंत्रीजी पहुंचे तो उनके सामने तलवारों से बर्थ डे केक काटा गया। लगे हाथ हिस्ट्री शीट वाले बर्थ डे व्बाय को पार्षद प्रत्याशी बनाने का मंत्रीजी आश्वासन भी दे गए। यहां आपको बता दें कि यह वही मंत्रीजी हैं जिनके एक इंजीनियरिंग कॉलेज के चर्चित लव जिहाद से जुड़े मामले के आरोपियों से भी संबंध की चर्चा रही है और उस समय दिल्ली तक उनकी आरोपियों के साथ की तस्वीरें भेजी जा चुकी हैं।
भोपाल पुलिस मोहमाया में फिर फंसी …. एक और वर्दीधारी खूबसूरती पर फिदा
भोपाल पुलिस BHOPAL POLICE के वर्दीधारी इन दिनों मोहमाया के जाल में फंसते जा रहे हैं। कुछ दिन पहले राज्यपाल के निवास लोकभवन से सटे अरेरा हिल्स जैसे वीआईपी थाने में एक महिला से थाना प्रभारी के अनैतिक संबंध कायम करने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एक और थाना प्रभारी के खूबसूरती पर फिदा होने की खबर है। मध्य प्रदेश Madhya Pradesh की राजधानी के विकसित हो रहे नए आवासीय उपनगर के पुलिस BHOPAL POLICE थाना के प्रभारी के पास इन दिनों एक महिला अपने भाई के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर चक्कर काट रही है। मारपीट की घटना में धाराएं बढ़वाने के लिए महिला, थाना प्रभारी से कई बार मिल चुकी है और उसका नंबर वर्दी वाले साहब ने ले भी लिया है। खूबसूरत दिखने वाली इस महिला की भाई के साथ मारपीट की घटना में धाराएं बढ़ाने की फरियाद पर अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है मगर थाना प्रभारी साहब के गुड मॉर्निंग और गुड इवनिंग के संदेश जरूर शुरू हो गए हैं। देखना यह है कि महिला को अपनी फरियाद पर न्याय मिलता है या फिर अरेरा हिल्स की तरह वह भी वर्दी की मोहमाया के जाल में फंस जाती है।
दतिया उपचुनाव …. भाजपा संगठन की पहली परीक्षा …. बदलते समीकरण
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में दतिया विधानसभा उपचुनाव Datia Byelection भाजपा संगठन में हेमंत खंडेलवाल के लिए पहली परीक्षा है तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव CM Moham Yadav के लिए यह चौथा उपचुनाव Byelectionहै। दतिया उपचुनाव Datia Byelection भाजपा के लिए अमरवाड़ा, विजयपुर, बुदनी से बहुत अलग है क्योंकि यहां पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को टिकट दिया गया है। नरोत्तम मिश्रा प्रचार के लिए मैदान में तो उतर गए हैं मगर उनका टिकट काटे जाने का दर्द कार्यकर्ताओं की नाराजगी के बहाने अभी भी मंच से अंतराल से बाहर आ ही रहा है। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के लिए ठाकुर, कांग्रेस नेता डेरा डाले हुए है और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी व नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की चुनावी सभाएं अंतराल से लगातार हो रही हैं। मैदान में एक अन्य प्रत्याशी दामोदर यादव हैं जिनके लिए चंद्रशेखर आजाद रावण Chandershekhar Ravan भी आ चुके हैं और दलित समाज के वोटों पर उनकी नजर है। मतलब भाजपा के लिए यहां चुनौती है और समीकरण लगातार बदल रहे हैं। जातीय समीकरणों के आधार पर भाजपा की रणनीति काम कर रही है। कांग्रेस के पास ऐसे जातीय समीकरणों पर मैदानी काम करने के लिए कार्यकर्ता व नेताओं की कमी यहां बनी हुई है।
