मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में कांग्रेस INC के भीतर नेताओं के बीच शह मात का खेल चल रहा है जो कभी जीतू पटवारी Jitu Patwari को कमजोर करने तो कभी दिग्विजय Digvijay singh या कमलनाथ Kamalnath के खिलाफ माहौल बनाते हुए दिखाई देता है। इन दिनों दिग्विजय सिंह Digvijay singh के उज्जैन के बयान पर कांग्रेस INC हाईकमान से लेकर प्रदेश के नेता हावी हैं और इनमें ऐसे भी पूर्व प्रदेश कांग्रेस INC के अध्यक्ष अरुण यादव Arun Yadav जैसे कुछ वे नेता भी शामिल हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव CM Dr Mohan Yadav व उनके परिवार के जमीन खरीदी मामले की खबरों पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी थी। पढ़िये रिपोर्ट।
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मध्य प्रदेश Madhya Pradesh कांग्रेस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव CM Dr Mohan Yadav और उनके परिवार के जमीन खरीदे मामले में एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में खबर प्रकाशित होने से जो भूचाल आया था, उसको लेकर कांग्रेस के भीतर ही विभाजन जैसी स्थिति बन गई है। कुछ नेताओं ने इस मामले में चुप्पी साधकर पूरे मामले से अपने आपको अलग थलग कर लिया था जिनमें पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव Arun Yadav और सांसद अशोक सिंह यादव Ashok Singh Yadav सहित कुछ अन्य नेता शामिल हैं। अरुण यादव Arun Yadav ने खबर प्रकाशन के बाद से मंगलवार तक इस मुद्दे पर न तो कोई बयान जारी किया और न ही अपने एक्स एकाउंट पर कोई पोस्ट शेयर की। अरुण यादव ने बुधवार को अपनी पार्टी के नेता पर ही हमला बोल दिया और बिना नाम का उल्लेख किए पोस्ट में लिखा है कि कतिपय लोग साजिश के तहत संघर्ष कर रहे कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
दिग्विजय पर निधि सत्यव्रत चतुर्वेदी का हमला
पूर्व सांसद और कांग्रेस से निष्कासित नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी Satayvrt chaturvedi की पुत्री और कांग्रेस की प्रदेश महासचिव प्रशिक्षण विभाग की सह प्रभारी निधि चतुर्वेदी Nidhi Chaturvedi ने फेसबुक वॉल पर दिग्विजय सिंह के बयान को नागपाश बताया है। उन्होंने लिखा है कि दिग्विजय सिंह का बयान पुत्र मोह में गुस्से में अमर्यादित भाषा में उठाया गया कदम है। निधि चतुर्वेदी Nidhi Chaturvediका कहना है कि दिग्विजय अपने पुत्र जयवर्धन सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाना चाहते हैं। वे महत्वाकांक्षा में पार्टी के अनुशासन को भूल चुके हैं।
पार्टी के नेता स्लीपर सेल तक बता रहे
कांग्रेस नेता भाजपा से लड़ने के बजाय अपने नेताओं की आस्था पर ही संदेह की लकीरें खींच रहे हैं। बड़े नेता पार्टी के भीतर कुछ नेताओं को स्लीपर सेल बता रहे हैं तो निधि चतुर्वेदी Nidhi Chaturvedi ने भी अपने उन नेताओं के बयान को और स्पष्ट करते हुए दिग्विजय सिंह Digvijay singh को स्लीपर सेल कह दिया। उन्हें 2020 में कमलनाथ सरकार गिरने का कारण बताया तो 2023 में विधानसभा चुनाव में हार व राज्यसभा चुनाव 2026 में पार्टी प्रत्याशी के नामांकन पत्र के निरस्त होने को दिग्विजय Digvijay singh की सोची समझी साजिश का हिस्सा बताया दिया है।
