मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में राज्यसभा चुनाव Rajya Sabha Elections की कांग्रेस INC प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन Meenakshi Natarajan का नामांकन पर्चा Nomination paper निरस्त हो गया है जिससे भाजपा के तीनों प्रत्याशियों के निर्विरोध चुनाव जीतने की संभावना बन गई है। हालांकि नामांकन पर्चा निरस्त होने के बाद भोपाल Bhopal से लेकर दिल्ली Dehli तक कांग्रेस ने चुनाव आयोग Bharat election commission के खिलाफ धरने शुरू कर दिए हैं। वहीं, प्रदेश कांग्रेस PCC अध्यक्ष जीतू पटवारी के ढाई साल के कार्यकाल में लोकसभा Loksabha चुनाव के बाद दूसरा मौका है जिसमें भाजपा BJP को कांग्रेस INC से वॉकओवर मिला है। पढ़िये रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में राज्यसभा चुनाव Rajya Sabha Elections के लिए अपनी एकमात्र सीट के लिए प्रत्याशी चयन की जद्दोजहद में उलझी थी और नामांकन पर्चा Nomination paper भरे जाने की अंतिम तारीख के चार दिन पहले मीनाक्षी नटराजन Meenakshi Natarajan को प्रत्याशी बना भी दिया मगर आज उनका नामांकन पर्चा Nomination paper निरस्त हो गया। निर्वाचन अधिकारी ने उनके अपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी के कथित रूप से छिपाए जाने की त्रुटि के आधार पर यह फैसला सुनाया। निर्वाचन अधिकारी ने राज्यसभा चुनाव Rajya Sabha Elections की तीन सीटों के लिए तीन प्रत्याशियों रजनीश अग्रवाल, तरुण चुघ और महेश केवट के नामांकन पर्चों Nomination papers को वैध पाया है। ये तीनों ही प्रत्याशी भाजपा के हैं जबकि पार्टी के खाते की केवल दो ही सीटें थीं। एक सीट कांग्रेस INC के खाते वाली थी और मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पर्चा निरस्त होने से कांग्रेस INC के हाथ से यह सीट चली गई है। कांग्रेस INC प्रत्याशी के नामांकन पर्चे Nomination paper की गलती से भाजपा को वॉकओवर मिल गया है।
भोपाल से दिल्ली तक कांग्रेस के धरने
शाम को कांग्रेस INC प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन Meenakshi Natarajan का नामांकन पर्चा Nomination paper निरस्त होने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पीसीसी में प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया के सामने भाजपा के कृत्य को आपराधिक बताया। उन्होंने चुनाव आयोग election commission के फैसले को अवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन Meenakshi Natarajan के खिलाफ कोई अपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं है। केवल एक नोटिस था और इसकी जानकारी नामांकन पर्चे में देना कोई जानकारी छिपाना नहीं है। चुनाव आयोग election commissionके फैसले के खिलाफ ने देर शाम को भोपाल से लेकर दिल्ली तक धरने की शुरुआत की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश भर में जिला कांग्रेस कमेटियों को इस मुद्दे को लेकर धरने देने के निर्देश दिए हैं।
गंभीरता से नहीं लिया चुनाव आयोग को
नटराजन के नामांकन पत्र में जानकारी छिपाए जाने के तथ्य का पता लगने के बाद भी कांग्रेस के जिम्मेदारों ने गंभीरता से नहीं लिया। जब पीसीसी में इसके लिए दूसरा शपथ पत्र तैयार किया जा रहा था तो दूसरे जिलों से वहां पहुंचे जिला अध्यक्षों की मौजूदगी में नामांकन पत्र Nomination paper भरे जाने की जिम्मेदारी से जुड़े एक नेता ने इसे गंभीर बात नहीं कहा था। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि अगर शपथ नहीं भी देंगे तो नामांकन पत्र Nomination paper निरस्त नहीं किया जा सकता है।
परिवार के साथ पिकनिक बनाने निकले रनवे से लौटे
कांग्रेस राज्यसभा चुनाव Rajya Sabha Elections में अपने विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर चिंतित थी और वह उन्हें बंगलुरू में परिवारों के साथ ठहरा रही थी। मंगलवार की दोपहर में करीब डेढ़ दर्जन विधायकों को एक शिफ्ट में भेज भी दिया गया था लेकिन शाम को दूसरे विमान में जो लोग परिवारों के साथ जाने वाले थे, उनका विमान रनवे से ही लौटा दिया गया। दूसरी शिफ्ट के विधायकों के परिवार के भोपाल से उड़ान भरने के पहले ही मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र Nomination paper निरस्त हो गया।
पटवारी के कार्यकाल में भाजपा को एक और वॉकओवर
कांग्रेस के कुछ नेताओं ने दबी जुबान में यह कहना शुरू कर दिया है कि जीतू पटवारी के कार्यकाल में भाजपा को लगातार वॉकओवर मिल रहे हैं। लोकसभा चुनाव में एनडीए समझौते में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा की खजुराहो सीट को समाजवादी पार्टी को दे दिया था जबकि टीकमगढ़ लोकसभा सीट भी यूपी की सीमा से लगी थी और वह भी दी जा सकती थी। एमपी में कमजोर राजनीतिक पकड़ रखने वाली समाजवादी पार्टी को सीट देकर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष की जीत को आसान कर दिया गया और ऐनवक्त पर सपा प्रत्याशी मीरा यादव का नामांकन पर्चा भी निरस्त हो गया था। तब निर्वाचन अधिकारी ने यादव को सुधार का मौका भी दिया था मगर उनके टालमटोल के रवैये से भाजपा को वॉकओवर मिल गया। इसी तरह पटवारी ने इंदौर लोकसभा सीट पर अक्षय बम को प्रत्याशी बनवाया था जो नामांकन पत्र Nomination paper दाखिल करने के अंतिम दिन ऐनमौके पर पार्टी छोड़कर ही चले गए। अब पटवारी के कार्यकाल में राज्यसभा चुनाव Rajya Sabha Elections में भी भाजपा को वॉकओवर मिल गया है।
