मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में राज्यसभा चुनावों Rajya Sabha के हाईप्रोफाइल ड्रामे के बीच कांग्रेस INC के खाते वाली एकमात्र सीट भाजपा BJP ने छीन ली। चुनाव आयोग के सामने बात रखने पर नामांकन Nomination के निरस्त किए जाने पर राहत नहीं मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंची पार्टी को सुनवाई के लिए शुक्रवार की तारीख मिलने से भाजपा BJP को वॉकओवर मिल गया। चुनाव के निर्वाचन अधिकारी Returning Officer ने तीन सीटों के लिए तीन ही नामांकन Nomination पत्रों को वैध पाने पर उन्हें निर्वाचित घोषित कर दिया। पढ़िये रिपोर्ट।
राज्यसभा चुनाव Rajya Sabha में कांग्रेस की सीट के लिए पार्टी प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन Nomination पत्र दाखिल किया था। उनके नामांकन पत्र को अपराधिक मामले की जानकारी छिपाए जाने के तर्क के साथ निरस्त कर दिया गया। फिर गुरुवार को नाम वापसी का समय समाप्त होने के बाद भाजपा BJP के तीनों प्रत्याशियों तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्वाचित घोषत कर दिया गया। विधानसभा के प्रमुख सचिव और राज्य सभा चुनाव Rajya Sabha के निर्वाचन अधिकारी Returning Officer अरविंद शर्मा ने विजयी प्रत्याशियों को निर्वाचित किए जाने का प्रमाण पत्र भी सौंप दिया।
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में राज्य सभा चुनाव Rajya Sabha का हाईप्रोफाइल ड्रामा मंगलवार से शुरू हुआ था जब नामांकन Nomination पत्रों की छंटनी शुरू हुई थी। नामांकन पत्रों की वैधता की जांच के दौरान मीनाक्षी नटराजन पर अपराधिक रिकॉर्ड छिपाए जाने की एक शिकायत निर्वाचन अधिकारी को की गई। इसके बाद ड्रामा शुरू हुआ जिसकी गूंज भोपाल से लेकर दिल्ली तक सुनाई दी। भोपाल में राज्यसभा चुनाव Rajya Sabha के निर्वाचन अधिकारी Returning Officer के कक्ष से लेकर अरेरा हिल्स स्थित भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय और दिल्ली के भारत निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक नटराजन के नामांकन पत्र पर विचार विमर्श होता रहा।
वहीं, कांग्रेस INC नेता भोपाल में Madhya Pradesh प्रदेश INC अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, Madhya Pradesh पूर्व मुख्यमंत्री दिग्वजिय सिंह विधानसभा में निर्वाचन अधिकारी Returning Officer कार्यालय, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय तो दिल्ली में एआईसीसी मुख्यालय से लेकर निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक INC संगठन प्रभारी महासचिव केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट जैसे नेता सक्रिय हो गए। मगर चुुनाव आयोग ने नामांकन Nomination पत्र निरस्त किए जाने के फैसले को निरस्त करने को लेकर चुप्पी बनाए रखी। गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस INC के देशभर के प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारियों की बैठक बुलाई गई, चुनाव आयोग से मुलाकात की गई मगर नामांकन Nomination पत्र निरस्त करने को रोकने पर फैसला नहीं आया तो सुप्रीम कोर्ट में पार्टी पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने आज ही केस सुनने की आवश्यकता नहीं समझी और शुक्रवार को इस पर सुनवाई की तारीख दी। इधर, चुनाव के निर्वाचन अधिकारी Returning Officer अरविंद शर्मा ने नाम वापसी का निर्धारित समय समाप्त होने के बाद तीन नामांकन पत्रों को वैध पाने पर BJP तीनों प्रत्याशियों को निर्वाचित घोषित कर दिया। उन्होंने तुरंत प्रमाण पत्र भी सौंप दिए। इस तरह हाईप्रोफाइल ड्रामा भोपाल में राज्यसभा चुनाव में विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र मिलने के बाद एक तरह से कांग्रेस INC की उम्मीदें समाप्त हो गई हैं।
