राज्यसभा चुनाव Rajya sabha elections में भाजपा INC मध्य प्रदेश Madhya Pradesh की कांग्रेस की तीसरी सीट को हासिल करने के लिए प्रत्याशी उतारेगी। रविवार को कई घंटे की बैठक के बाद .यह तय किया गया है और फैसला लिया है कि अभी नाम का ऐलान नहीं होगा। नामांकन पत्र दाखिल करते समय पार्टी सोमवार को दोपहर में ही खुलासा करेगी। पढ़िये रिपोर्ट।
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मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में सुमेर सिंह सोलंकी, जार्ज कुरियन और दिग्विजय सिंह का राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने से रही रिक्त हो रही तीन सीटों में से दो पर भाजपा BJP की जीत सुनिश्चित है और तीसरी सीट के लिए भी पार्टी ने प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी कर ली है। Rajya sabha elections कांग्रेस INC को भाजपा तीसरी सीट के लिए खुला मैदान नहीं छोड़ेगी बल्कि 18 जून तक उसे विधायकों MLA को अपने साथ बांधे रखने के लिए कवायद करने को मजबूर करेगी। बताया जाता है कि भाजपा BJP ने कांग्रेस को अपने विधायकों MLA को अपना बनाए रखने के लिए जद्दोजहद करने की रणनीति के तहत Rajya sabha elections तीसरा प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारने का फैसला ले लिया है। इसके लिए रविवार को BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित प्रदेश के शीर्ष नेताओं व दिल्ली नेतृत्व से कई दौर की चर्चा की।
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh से भेजे गए कुछ नामों पर केंद्रीय नेतृत्व ने असहमति जताई थी और कुछ नाम सुझाए भी थे। सूत्र बताते हैं कि बैठक में मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के ही किसी नेता को Rajya sabha elections प्रत्याशी बनाए जाने का तय किया गया है। मगर किसी महिला को ही प्रत्याशी बनाया जाए, इसको लेकर एकराय नहीं हो सकी है। यह भी बताया जा रहा है कि कांग्रेस INC से भाजपा BJP में आए नेताओं में से किसी को Rajya sabha elections प्रत्याशी बनाए जाने पर विचार नहीं किया गया है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी अपने वरिष्ठ और जमीनी नेता को टिकट देने पर विचार कर रही है। नाम का ऐलान नामांकन पत्र दाखिल करते समय ही किए जाने की बात भी सामने आई है। नामांकन पत्र सोमवार को दोपहर में दाखिल किए जाने की संभावना है।
वहीं, कांग्रेस INC अपनी राज्यसभा की रिक्त हो रही सीट को बचाए रखने के लिए पूरी तरह से एकजुट होने का दावा तो कर रही है मगर अपनों को साथ रखने की प्रदेश नेतृत्व को एक बड़ी चुनौती है। अगर भाजपा BJP तीसरी सीट के लिए प्रत्याशी उतारती है तो प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार की अग्निपरीक्षा की घड़ी होगी। आठ जून से लेकर 18 जून तक कांग्रेस INC को अपने विधायकों MLA को एकजुट रखते हुए उनसे पार्टी Rajya sabha elections प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की गारंटी लेने की रणनीति पर फूंक फूंक कर कदम उठाना होगा। वहीं, भाजपा BJP, कांग्रेस INC के विधायकों MLA में फूट डालकर जरूरी 58 विधायकों MLA के मतों के आंकड़ों को छूने का भरसक प्रयत्न करेगी।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश Madhya Pradesh विधानसभा में 230 सदस्यों में से 164 भाजपा के हैं और कांग्रेस INC के 63 विधायक MLA संख्या है। कांग्रेस की एक विधायक निर्मला सप्रे भाजपा BJP के साथ हैं मगर वे अभी विधानसभा में कांग्रेस विधायक MLA ही हैं। राजेंद्र भारती की विधायकी चली गई है तो मुकेश मल्होत्रा को मतदान का अधिकार नहीं है। भारत आदिवासी पार्टी के एक एमएएल हैं जिनके बारे में यह कहा जा रहा है कि वे भाजपा BJP के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। इस तरह Rajya sabha elections भाजपा अगर कांग्रेस INC के सात विधायक MLA से अपने पक्ष में मतदान कराने में सफल होती है तो कांग्रेस प्रत्याशी की जीत नहीं हो सकेगी।
