मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में राज्यसभा चुनाव Rajya Sabha Eection की कांग्रेस INC की दिग्विजय सिंह Digvijay Singh के कार्यकाल समाप्त होने से रिक्त हो रही सीट भी कांग्रेस INC के हाथ से जा सकती है। वजह है कांग्रेस INC प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन Meenakshi Natrakan को हराने के लिए भाजपा BJP भी अपना प्रत्याशी मैदान में उतारने की कवायद कर रही है और इसके लिए कांग्रेस विधायकों MLA में से कमजोर कड़ियों को तलाशा जा रहा है। वहीं, कांग्रेस INC में कमलनाथ व दिग्विजय सिंह निराश समर्थकों में से हुजूर विधानसभा के हारे प्रत्याशी की सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के बाद पीसीसी ने नोटिस जारी कर दिया है। पढ़िये रिपोर्ट।
राज्यसभा चुनाव के लिए 18 जून को मतदान होना है जिसके पहले आठ जून तक नामांकन पर्चे दाखिल होंगे। चुनाव में जीत के लिए विजयी प्रत्याशी को 58 विधायकों के मत हासिल करना जरूरी है। कांग्रेस INC में मीनाक्षी नटराजन Meenakshi Natrajan को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद अब भाजपा में तीसरी सीट के लिए भी प्रत्याशी उतारने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बताया जाता है कि भाजपा BJP विधायक दल की बैठक में कुछ वरिष्ठ नेताओं के इस तरह की चर्चा किए जाने से इस पर विचार की शुरुआत हुई है और किसी महिला नेता को ही कांग्रेस प्रत्याशी के सामने उतारे जाने की बात भी कही गई।
चुनाव जीत का गणित
इस हिसाब से भाजपा BJP के पास 164 का आंकड़ा है। कांग्रेस INC विधायक MLA निर्मला सप्रे का भाजपा के प्रति झुकाव है लेकिन अभी वे रिकॉर्ड में कांग्रेस INC की सदस्य ही हैं। इस तरह भाजपा BJP को राज्यसभा की दो सीटों के लिए 116 विधायकों के वोट चाहिए और उसके पास 49 अतिरिक्त वोट हैं। तीसरी सीट के लिए भाजपा BJP को कम से सात कांग्रेस विधायकों MLA को अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है। एक विधायक भारत आदिवासी पार्टी का है जिसका वोट भाजपा BJP अपने पक्ष में करा सकती है। कांग्रेस INC के 65 विधायक MLA संख्या थे मगर निर्मला सप्रे की वजह से यह आंकड़ा 64 ही रह गया। कांग्रेस INC के एक विधायक MLA मुकेश मल्होत्रा को मतदान का अधिकार नहीं है तो दतिया विधायक MLA राजेंद्र भारती की विधायकी जा चुकी है। इस तरह कांग्रेस INC के पास केवल 62 विधायक ही वोट के लिए हैं। यानी पांच विधायक MLA अगर वोट नहीं करते या भाजपा BJP के पक्ष में वोट कर देते हैं तो कांग्रेस INC प्रत्याशी की हार निश्चित है।
कांग्रेस की कमजोर कड़ियां…
भाजपा BJP के भीतर तीसरे प्रत्याशी को उतारने के लिए कांग्रेस INC विधायक दल में मौजूद कमजोर कड़ियों पर चर्चा भी की गई है। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से कांग्रेस के छिंदवाड़ा जिले के पांच विधायकों MLA की मुलाकात हुई थी। हालांकि इस मुलाकात को क्षेत्र के मुद्दों पर चर्चा होना बताया गया था मगर राज्यसभा चुनाव के पूर्व हुई इस मुलाकात के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। यहां कांग्रेस के जिन विधायकों MLA पर भाजपा BJP की नजर है, उनमें से कुछ अपने आपको उपेक्षित भी महसूस कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के अभिजीत शाह, नितेंद्र राठौर, रामसिया भारती, अनुभा मुंजारे, अभय मिश्रा जैसे नेताओं पर भाजपा BJP की नजरें हैं। टिमरनी से विधायक MLA अभिजीत शाह मोहन सरकार के मंत्री विजय शाह के रिश्तेदार हैं। बुंदेलखंड की विधायक MLA नितेंद्र राठौर, रामसिया भारती और बालाघाट की अनुभा मुंजारे को लेकर कहा जाता है कि ये सभी उपेक्षित महसूस कर रही हैं। रीवा के अभय मिश्रा दबाव में राजनीति आस्थाएं बदलते रहते हैं।
नजरें कमलनाथ व दिग्विजय सिंह पर
वहीं, कांग्रेस INC के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर सभी की नजरें हैं। कमलनाथ करीब डेढ़ महीने से राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी बनने के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए थे तो दिग्विजय सिंह अपने आपको इस दौड़ से अलग करने का ऐलान कर चुके थे मगर उनकी सक्रियता बढ़ गई थी। अब विधायक दल की बैठक में कमलनाथ के नहीं आने से पार्टी नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें देखी गईं क्योंकि उनके समर्थक विधायक मतदान में जरा भी गड़बड़ी करते हैं तो कांग्रेस INC प्रत्याशी Meenakshi Natrakan को मिलने वाले वोट की संख्या घट सकती है। इधर, दिग्विजय सिंह को टिकट नहीं मिलने से उनके समर्थक हुजूर विधानसभा से प्रत्याशी रहे नरेश ज्ञानचंदानी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली जिस पर पीसीसी ने एक्शन लेकर चेतावनी देते हुए निष्कासित करने के लिए नोटिस जारी कर दिया है।
