इन दिनों सोशल मीडिया Social Media पर एक महिला की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इस महिला के दिल्ली Dehli के कर्त्तव्य भवन ही नहीं पूर्व से लेकर पश्चिम और मध्य क्षेत्रों के असरदार लोगों के साथ वायरल इन तस्वीरों से यह बताने का प्रयास हो रहा है कि उसके उनसे बेहद नजदीकी संबंध हैं। BJP भाजपा शासित राज्यों के ज्यादातर Chief Ministers मुख्यमंत्रियों से लेकर केंद्र के मंत्रियों Central Ministers, आईएएस IAS, आईपीएस IPS, आईआरएस IRS के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इनके सोशल मीडिया Social Media पर करीब सवा सौ पोस्ट हैं जिनमें इन सभी श्रेणी के लोगों के साथ नजदीकी से ली गई तस्वीरों को शेयर किया गया है। मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के आईएएस IAS पी नरहरि, अनुराग वर्मा से लेकर आईपीएस IPS वरुण कपूर, हरिनारायण छारी को भाई मानने वाली इस महिला ने उनके साथ की तस्वीरें पोस्ट कीं हैं तो दूसरे राज्यों असम के आईएएस IAS अश्विनी कुमार व अस्तिक पांडे, नागालैंड के ज्योति कलश और आईआरएस IRS राघवेंद्र पाल सिंह, संदीप गर्ग, टीवी रवि व आरआर प्रसाद को इसी तरह के रिश्ते में बांधकर उनके साथ ली गईं फोटो को सोशल मीडिया Social Media पर डाला गया है। इस महिला ने असरदार लोगों से अपने रिश्तों की कड़ी में केंद्रीय मंत्री Chief Minister सावित्री ठाकुर, दिल्ली की मुख्यमंत्री Chief Minister रेखा गुप्ता, दिल्ली से सांसद MP बांसुरी और यूपी से राज्यसभा सदस्य MP गीता शाक्य को दीदी तो मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के मुख्यमंत्री Chief Minister Dr. Mohan Yadav डॉ. मोहन यादव, छत्तीसगढ़ CG के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री Dy Chief Minister प्रवेश वर्मा, सांसद MP व एक्टर रवि किशन तथा मनोज तिवारी, अलीगढ़ से सांसद MP सतीश जी को भाई के रिश्ते में पोस्ट में बांध लिया गया है। केंद्रीय मंत्री Central Ministesचिराग पासवान के साथ उनकी कई मुलाकातों की फोटो भी सोशल मीडिया पर मिल जाएंगी तो अल्प संख्यक मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी आत्यानंद के साथ करीबी रिश्तों को उनकी पोस्ट में बताया गया है। आखिरी में आपको बता दें कि यह महिला हाल ही में एक किसान संगठन की प्रवक्ता भी बनाई गई हैं। सोशल मीडिया Social Media की तस्वीरों में उनके सुरक्षा घेरे को भी कई बार बताया गया है तो आलीशान गाड़ियों में आने जाने की तस्वीरें भी उनकी चमक दमक भरी स्टाइल को दिखाती हैं।
क्या कांग्रेस से भाजपा पहुंचे नेताओं का कराया जा रहा है मीडिया ट्रायल
कैडर बेस पार्टी भाजपा BJP में अब जिस तरह से कांग्रेस INC से आए नेताओं का मीडिया ट्रायल हो रहा है, उसे अंदरुनी राजनीति का नतीजा बताया जा रहा है। कांग्रेस INC की कमलनाथ KAMALNATH सरकार को गिराने में अहम रोल निभाने वाले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया Jyotiradity Scindia और उनके समर्थक दलबदलु नेताओं को सत्ता व संगठन की मुख्यधारा से दूर रखने के लिए मीडिया में खबरें आ रही हैं। इसमें भाजपा BJP के मीडिया विभाग Media Department की मूक सहमति भी नजर आ रही है। सिंधिया Scindia समर्थक मंत्रियों के खिलाफ पन्नालाल शाक्य का वायरल वीडियो हो या संगठन में सिंधिया Scindia समर्थकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने की महाराज की कथित हठधर्मी की खबरों पर चुप्पी से इन आशंकाओं को और बल मिल रहा है। वैसे भी मीडिया विभाग Media Department के प्रमुख आशीष अग्रवाल ग्वालियर में सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बाद कुछ समय से अपने आपको तीसरे शक्ति केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिशों में लगे हैं। इससे मीडिया विभाग Media Department की पूरे मामले में चुप्पी पर अंगुली उठना स्वाभाविक रूप से काफी हद तक सही भी प्रतीत होता है।
ब्राह्मण पर फोकस….भाजपा ही नहीं कांग्रेस भी आगे आई
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh की राजनीति इन दिनों ब्राह्मण Brahmin समाज के ईर्दगिर्द नजर आ रही है। राजनीतिक जानकार जहां राज्यसभा चुनाव में भाजपा BJP के ब्राह्मण Brahmin कार्ड को अपनाए जाने की बातें कर रहे हैं तो वहीं धर्मनिरपेक्षता छवि वाली कांग्रेस INC में ब्राह्मण Brahmin समाज के लिए पार्टी से दूर होने पर ब्राह्मण Brahmin नेताओं की मीटिंगें शुरू हो गई हैं। भाजपा BJP की ओर से ब्राह्मण Brahmin कार्ड पर राज्यसभा चुनाव में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा से लेकर कांग्रेस से भाजपा BJP में गए पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी के नामों की चर्चाएं हैं। राज्यसभा चुनाव में भाजपा की दो सीटें पक्की हैं जिस पर एक प्रदेश के नेता व दूसरा दिल्ली नेतृत्व द्वारा प्रदेश के बाहर से भेजे जाने वाले नेताओं को मिलने की बात हो रही है। वहीं तीसरी सीट अनिश्चितता वाली सीट के लिए पचौरी के नाम को आगे किए जाने की बात की जा रही हैं। इधर, कांग्रेस INC ब्राह्मण Brahmin समाज को पार्टी से जोड़ने के लिए कुछ ब्राह्मण Brahmin नेताओं ने मीटिंग की शुरुआत की है। पहली मीटिंग पूर्व विधायक रवि जोशी के निवास पर हुई जिसमें पीसीसी के पूर्व संगठन महामंत्री चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी, पूर्व श्रम उपायुक्त व कांग्रेस INC नेता रामगोपाल पांडे जैसे नेताओं की मुख्य भूमिका रही। देखना यह है कि भाजपा के ब्राह्मण Brahmin कार्ड और कांग्रेस के ब्राह्मण Brahmin समाज को अपनी तरफ करने के प्रयास कहां तक सफल हो पाते हैं।
चार साल में सारंग सफल नहीं हो पाए….निशातपुरा स्टेशन आउटर ही है
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh भाजपा BJP में राजधानी भोपाल के युवा नेताओं सांसद आलोक शर्मा, मंत्री विश्वास सारंग. विधायकद्वय रामेश्वर शर्मा व भगवानदास सबनानी अपने आपको शक्ति केंद्र समझते हैं। भोपाल के विधायक MLA और मंत्री विश्वास सारंग शक्ति केंद्र समझते हों मगर अपने ही क्षेत्र में निशातपुरा रेलवे स्टेशन को भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे पिता स्व. कैलाश नारायण सारंग के नाम पर कराने में सफल नहीं हो सके हैं। उनके चार साल के प्रयासों के बाद भी रेलवे ने ट्रेनों के शेड्यूल नहीं बनाए हैं। आज भी निशातपुरा रेलवे स्टेशन पहले की तरह लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए आउटर स्टापेज के रूप में पहचाना जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान Shivraj Singh Chouhan के कार्यकाल में सारंग ने इसके लिए जमकर प्रचार प्रसार किया था और अब मौजूदा भाजपा सरकार शायद उनके प्रयासों पर गौर ही नहीं कर रही है। सही है, जंगल का शेर भी सर्कस के पिंजरे में दहाड़ ही मार सकता है और लोग उसकी दहाड़ के बाद भी उससे डरते नहीं हैं।
जैन समय से पहले पद छोड़ेंगे?…केंद्रीय पुनर्वास की चर्चा
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के मुख्य सचिव Chief Secretary अनुराग जैन की कुर्सी उनकी सेवावृद्धि Extention अवधि पूरी होने के पहले ही रिक्त होने की चर्चा तेज है। कहा जा रहा है कि केंद्र में पुनर्वास अगले कुछ महीने में ही होने की बातें हो रही हैं और पुनर्वास की सीट उनकी सेवावृद्धि Extention की अवधि पूरी होने के कुछ महीने पहले रिक्त होने वाली है। जैन का कार्यकाल 31 अगस्त को पूरा होने वाला है तो उनके विकल्प के नामों की चर्चाएं हो रही हैं। सबसे सीनियर अधिकारी राजेश राजौरा हैं जिनका पूरे एक साल का कार्यकाल बचा है। 1991 बैच के तीन अधिकारी मनोज गोविल, अशोक वर्णवाल और मनु श्रीवास्तव हैं जिनमें से वर्णवाल के पास सात महीने तो मनु श्रीवास्तव के पास 16 महीने का समय बचा है। मनोज गोविल को तीन साल का समय बचा है। राजौरा राज्य सरकार की पसंद रहे हैं मगर जैन की सेवावृद्धि की दिल्ली से स्वीकृति आने के कुछ समय पहले सीएस के रूप में उनकी वायरल खबरों ने उनको पीछे कर दिया है। अब वे लूप लाइन की पोस्टिंग में हैं तो गोविल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में 1992 बैच के पंकज अग्रवाल का नाम इस क्रम में सबसे मजबूत माना जा रहा है जो इस समय केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। देखना यह है कि केंद्र में पुनर्वास की चर्चाओं के आकार लेने के बाद गोविल या पंकज में किसको किस्मत मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के प्रशासनिक मुखिया का ताज पहनाती है।
