Madhya Pradesh में Government Quarters में बेहिसाब निर्माण हर महीने हो रहा है। जिसकी जैसी हैसियत होती है वह PWD से या और ऊंची पहुंच हो तो State Government से अपने हिसाब से मंजूरी करा लेता है। Leaders, Officers ही नहीं सामाजिक संस्थाओं से लेकर पत्रकार बड़ी बड़ी राशि के कामों को स्वीकृत करा लेते हैं। इस होड़ में यह भी देखने को आया है कि बड़ी राशि के काम की मंजूरी कराने वाले लोग उससे अपनी पहुंच का डंका बजाते फिरते हैं। पढ़िये इस पर विशेष रिपोर्ट।
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Madhya Pradesh में Government Quarters से घिरे चार इमली, शिवाजी नगर, तुलसी नगर, 74 बंगला, 45 बंगला, प्रोफेसर कॉलोनी, सिविल लाइन, जवाहर चौक, साउथ टीटीनगर, 1100 क्वार्ट्रर्स और कुछ अन्य क्षेत्र हैं, जहां हजारों वर्गफीट के बंगलों से लेकर बहुंमंजिल भवनों में छोटे से फ्लेट तक हैं। पहले बी, सी, डी और ई टाइप के बंगलों में काफी खुली जगह होती थीं। ऊंचे-ऊंचे पेड़ थे तो बी और सी टाइप के बंगलों में बड़े-बड़े बगीचे थे। आज Government Quarters की स्थिति यह है कि खुली जगह बची नहीं है और सीमेंट-कांक्रीट या स्टील-लोहे के अस्थायी स्ट्रक्चर खड़े कर दिए गए हैं।
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सीमित सदस्य वाले परिवार के आवास पर तीन मंजिल भवन
तुलसी नगर का एफ टाइप का आवास है 94/5 जो Arogya Bharti आरोग्य भारती के नाम पर आवंटित है। एफ टाइप का आवास सीमित सदस्यों वाले एक परिवार के लिए जगह होती है मगर State Government ने इसमें निर्माण की बेतहाशा मंजूरियां दीं। आज यह एक परिवार का आवास भूतल के अलावा दो मंजिल पर खड़ा है। यहां परिवार नहीं बल्कि योग के नाम पर गतिविधियां संचालित होती हैं। पिछले साल राज्य शासन ने इस आवास के छोटे कामों के नाम पर 71 लाख रुपए से ज्यादा की स्वीकृति दी जबकि आज इस आकार के भूखंड के डुप्लेक्स प्राइवेट बिल्डर शहर के नवविकसित इलाकों में बेच रहे हैं।
मंत्रियों के बंगलों के लिए खुला राजकोष
Madhya Pradesh सरकार ने अपना कोष मंत्रियों के बंगलों में अतिरिक्त निर्माण के लिए खोलकर रख दिया। 2025 में Dy CM उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के बंगले के लिए दो बार मंजूरी मिली जो 64 लाख रुपए के आसपास रही। दूसरे Dy CM उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने तो अपने बंगले का हुलिया ही बदल लिया है और खुली जगह के नाम पर कुछ बचा ही नहीं है। State Minister राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल के बंगले पर 40 लाख से ज्यादा का अतिरिक्त कराने की मंजूरी दी गई। शिवाजी नगर के सी टाइप के एक बंगले में विद्या भारती का कार्यालय है जहां 2025 में ही 45 लाख रुपए दिए गए। यही नहीं Minister विश्वास सारंग के बंगले में बेतहाशा अतिरिक्त निर्माण कराया गया है और बंगले के भीतर शायद ही कोई ऐसी जगह नहीं बची होगी जहां पक्का निर्माण नहीं दिखाई देता। 74 बंगले में तो एक बंगले में एक समाचार पत्र ने अपना पूरा दफ्तर खोलने के लिए State Government से बड़ी मंजूरी कराकर ताकत दिखा दी है। वहीं, इस इलाके में Ex CM पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने CM पद पर रहते ही दो बंगलों को एक कराते हुए उसका आकार ही बदल लिया था तो Ex Minister पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने सरकारी बंगले में आवास के साथ अन्य गतिविधियों को चलाने के लिए सरकारी कोष से निर्माण कार्य कराया।
