कुरु कुरु स्वाहा के इस नियमित स्तंभ में इस बार हम आपको जो जानकारियां दे रहे हैं उनमें सबसे अहम गुड गवर्नेंस Good governance के वाहक नौकरशाह IAS Officers व सरकारी अमले के बिगड़ते रवैये की है जिसे राज्य शासन भी काबू करने में अब तक नाकाम है तो दूसरी सूचना राज्य सरकार के मुखिया के दूसरे करीबी अधिकारी पुलिस से जुड़ी है। साथ ही कभी पॉवरफुल नेताजी डॉ. नरोत्तम मिश्रा के बारे में भी बताएंगे जिनके लिए मीडिया आज भी सुर्खियां बनाने में जुटा रहता है तो चौथी अहम जानकारी भाजपा कांग्रेस दोनों के नंबर एक व दो डॉ. मोहन यादव, हेमंत खंडेलवाल तथा जीतू पटवारी व उमंग सिंघार से जुड़ी है जिसकी इन दिनों चर्चाएं जोरों पर हैं। आखिरी में बताएंगे नेताओं का जन्मदिन मनाने वाले करीबियों की हरकतों से कैसे आमजन की जान को होता है खतरा। इसके लिए आप हमारे साथ जुड़े रहिये। हमारे कुरु कुरु स्वाहा यूट्यूब चैनल, इंस्टाग्राम, एक्स, फेसबुक व वेबसाइट को लॉगइन कर पढ़ते रहिये और उन्हें शेयर, लाइक व सब्सक्राइव कर हमें सहयोग कीजिए।
गुड गवर्नेंस के वाहकों का व्यवहार …. जिलों से लेकर मंत्रालय तक माहौल बिगड़ा …. तबादलों तक की नौबत
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में गुड गवर्नेंस Good governance की बड़ी बड़ी बातें की जाती हैं मगर उसके वाहकों के रवैये से प्रदेश की छवि बिगड़ रही है। जिलों से लेकर मंत्रालय तक यह हालात बन गए हैं कि आईएएस अधिकारी IAS Officers हों या वर्दीधारी मैदानी कर्मचारी वरिष्ठों व मंत्रियों तक के लिए चुनौती बनने लगे हैं। मंत्रालय के मामलों में तो राज्य शासन को तबादलों का सहारा लेना पड़ रहा है। हाल ही में हुए तबादलों से प्रभावित दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों IAS Officers नेहा मारव्या और निधि निवेदिता के मामलों को इसी का नतीजा बताया जा रहा है। नेहा मारव्या का अपने वरिष्ठ अधिकारी से सामंजस्य नहीं बैठा तो निधि का अपने विभाग की मंत्री से पटरी नहीं बैठ पा रही। कई बार विवादों की चर्चा का केंद्र रहीं मारवया ने तो अपने आपको सोशल मीडिया पर षड़यंत्राकारियों का शिकार करार दिया है। वहीं, मैदानी अधिकारियों में अशोक नगर व ग्वालियर के सब इंस्पेक्टर व एएसआई स्तर के अधिकारियों के अपने वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोलने जैसा है। अशोक नगर की महिला एसआई अपनी बीमारी का हवाला देकर एसपी से लेकर पीएचक्यू के अधिकारियों तक पर सुनवाई नहीं करने के आरोप लगा रही हैं तो ग्वालियर के एएसआई अपने टीआई के भ्रष्टाचार की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। दोनों ने ही अपने वीडियो बयानों को सोशल मीडिया पर पोस्ट भी कर दिया है। ऐसे में गुड गवर्नेंस Good governance की धारणा जमीन पर कैसे साकार होगी, यह सवाल अब उठने लगा है।
भाजपा सरकार में सपा नेता के पति पॉवर में …. संकट में नेताजी का मिला था साथ
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में भाजपा BJP की सरकार है मगर पड़ोसी राज्य के प्रमुख विपक्षी दल की महिला नेता के वर्दी वाले अफसर पति इन दिनों पॉवर में हैं। विपक्षी दल की नेता का ससुराल और मायका पक्ष अखिल भारतीय सेवा के अफसरों से भरा पूरा है तो राजनीति में भी खासी दखलंदाजी है। पड़ोसी राज्य की इन नेताजी के पति को हाल ही में मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के प्रशासनिक फेरबदल में एक बार फिर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है जिसमें उनकी मुख्यमंत्री के साथ रोजाना लंबी मुलाकात या बातचीत होना स्वाभाविक होता है। विपरीत विचारधारा वाले राजनीतिक दलों के नेताओं वाले परिवार होने के बाद भी मध्य प्रदेश Madhya Pradesh के वर्दी वाले साहब के मुख्यमंत्री की पसंद बनने के पीछे क्या वजह है, अब लोग कारण तलाश रहे हैं। इसमें यह बात भी कही जाने लगी है कि पड़ोसी राज्य के विपक्षी दल के नेताजी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव CM MOHAN YADAV का पिछले दिनों संकट के समय साथ दिया था। कहा जा रहा है कि साहब के पारिवारिक संबंधों का कुछ सालों से पड़ोसी राज्य के इन साहब को फायदा मिलता रहा है और हाल ही हुई पोस्टिंग के लिए जिनके नाम थे, उनमें से सीएम की पसंद एकबार फिर वही बने हैं।
हार के कथित जिम्मेदार अब सक्रिय …. दिल्ली यात्रा का जोरशोर से प्रचार
राजनीति में कब किसके सितारे बुलंद हो जाएं और कौन कब गर्दिश में चला जाए, कहा नहीं जा सकता। तीन साल पहले तक भाजपा BJP में ग्वालियर चंबल संभाग के नेताओं में एक बड़ा नाम डॉ. नरोत्तम मिश्रा का था मगर दतिया विधानसभा उपचुनाव Byelection से उनके सितारे गर्दिश में चले गए। पहले पार्टी ने उनका टिकट काटा और फिर उपचुनाव में पार्टी की हार के लिए उन पर ठीकरा फोड़ा गया। कुछ साल पहले तक उनकी चौखट पर लोग आने के लिए आतुर होते थे अब वे दूसरों की चौखट पर जाकर अपने संबंधों को जता रहे हैं और जो उनके पास आ भी रहे हैं वे खुद संकट के दौर में हैं। अपने आपको चर्चा में बनाए रखने के लिए ग्वालियर चंबल के ये नेताजी मीडिया से अपने पुराने संबंधों को भुनाने में भी संकोच नहीं कर रहे हैं। दिन बदलने से अब इसके लिए भी उन्हें जुगत बैठाना पड़ रही है। मीडिया से संबंध को जताने के लिए नेताजी ने पार्टी के लिए हाल ही में कुछ लोगों को निमंत्रण दिया था मगर उसी दौरान उनका दिल्ली से बुलावा आ गया। इस यात्रा का जमकर प्रचार किया गया जैसे प्रदेश की राजनीति में कोई बड़ा होने वाला है और वे उसके केंद्र होंगे मगर वक्त बड़ा बलवान होता है। देखना यह है कि दिल्ली की जिस यात्रा का जोरशोर से प्रचार किया गया वह उन्हें सकारात्मक सहारा देगी या वे और बेपटरी कर दिए जाएंगे।
भाजपा और कांग्रेस में सामान हालात …. अध्यक्षों के विधानसभा में अपने नेताओं से खटास भरे संबंध
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में सत्ता पक्ष भाजपा BJP और विपक्ष कांग्रेस में भले ही जनता के बीच दिखावे की तलवारें खिंची हों मगर उनकी पार्टी के अंदरुनी मामलों में दोनों की स्थिति लगभग एक जैसी है। भाजपा BJP में जहां इन दिनों प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव CM MOHAN YADAV और संगठन प्रमुख हेमंत खंडेलवाल HEMANT KHANDELWAL के बीच संबंध वैसे नहीं हैं जैसे दिखाये जाते हैं। ठीक यही स्थिति कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और संगठन प्रमुख जीतू पटवारी के बीच है जिनके अच्छे संबंधों का दिखावा ज्यादा नजर आता है। दतिया विधानसभा उपचुनाव के बाद से भाजपा नेताओं में इस बदलाव को महसूस किया जा रहा है और कुछ कार्यक्रमों में दोनों की एकसाथ मौजूदगी नहीं होने से इसीका नतीजा माना गया। कांग्रेस में केंद्रीय नेतृत्व के जीतू पटवारी व उमंग सिंघार को प्रदेश में संगठन व विधानसभा के भीतर नेतृत्व सौंपने के फैसले के कुछ समय बाद से ही दोनों विपरीत ध्रुव जैसे चलने लगे थे। जहां नेता प्रतिपक्ष प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बैठकों में ही यदाकदा दिखाई देते हैं तो पटवारी विधायकों के मामले में ज्यादा दखलंदाजी नहीं करते। कुल मिलाकर मध्य प्रदेश Madhya Pradesh की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के भीतर ही अपने अपने नेतृत्वों पर नेतागण सवाल उठाने लगे हैं।
जन्मदिन नेताजी का, परेशानी आमजन को …. चौराहों-सड़कों पर बधाई संदेश होर्डिंग …. बना रहे संभावित दुर्घटना पाइंट
नेताओं के जन्मदिन पर बधाई संदेशों के बड़े बड़े विज्ञापन वाले होर्डिंग लगाने की परंपरा सी बन गई है। मध्य प्रदेश में राजधानी भोपाल हो या इंदौर या ग्वालियर या जबलपुर, उज्जैन, सागर, रीवा जैसे शहर सभी जगह नेताओं के जन्मदिन पर सड़कें और चौराहें होर्डिंग से पाट दिए जाते हैं। खासकर सत्ताधारी भाजपा BJP के मंत्री, विधायक और सांसदों के जन्मदिन पर आदमकद पोस्टर से लेकर बड़े बड़े होर्डिंग लगा दिए जाते हैं। भोपाल के नेताओं आलोक शर्मा, विश्वास सारंग, रामेश्वर शर्मा और अब भगवानदास सबनानी के जन्मदिन को उनके समर्थक ऐसे मनाते हैं जिसमें न हींग लगती न फिटकरी और नेताजी के करीबी होने का संदेश पूरे शहर के लोगों तक पहुंच जाता है। साथ ही इन होर्डिंग को लगाने में न तो नगर निगम शुल्क वसूलता है न कोई अन्य एजेंसी। नेताजी के जन्मदिन के बधाई संदेशों के होर्डिंग रोशनपुरा की घाटी के ढलान वाले बाणगंगा चौराहा और रंगमहल टॉकीज चौराहा पर ऐसे लगा दिए गए हैं कि ये संभावित दुर्घटना पाइंट बन गए हैं। पुलिस कमिश्नर सिस्टम भी इस परंपरा को रोकने में नाकाम है जबकि इसके लिए आईपीएस और राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों की पूरी प्लाटून तैनात है जो आम वाहन चालकों को हैलमेट नहीं पहनने पर सड़क पर डंडे फटकारते हुए रोकने में अपनी शान समझती है।
