इन दोनों मध्य प्रदेश की सड़क की स्थिति यह है कि सड़क ढूंढने पर अच्छी मिलती है। गड्ढे इतने हैं कि बारिश का पानी कई फुट भर जाता है और वे दिखाई ही नहीं देते जिससे एक्सीडेंट होते है। सड़कों की इस हालत को देखने के लिए अब एमपीआरडीसी मतलब मध्य प्रदेश रोड डवलपमेंट कॉरपोरेशन के अधिकारी मैदान में उतरे हैं। एमपीआरडीसी के प्रमुख आईएएस अधिकारी भरत यादव राजधानी भोपाल के मिसरोद अब्दुल्लागंज नेशनल हाईवे की मजबूती को देखने के लिए पहुंचे तो देखा कि कई जगह सड़क उधडी पड़ी है।
उल्लेखनीय कीपछले दिनों डॉ मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सड़कों को लेकर चिंता जाहिर की थी और अधिकारियों को निश्चित समय अवधि में सड़कों के सुधार के लिए निर्देश दिए थे। जन विश्वास अभियान के तहत अब अधिकारियों ने इस तरह शहर की सड़कों का जायजा लेना शुरू कर दिया है। अब मरम्मत कार्य तेज करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। बताया जाता है कि पूर्वी बायपास पर 10 दिन में यातायात सुगम करने का लक्ष्य तय हुआ है।
