कुरु कुरु स्वाहा के इस बार नियमित स्तंभ में हम आपको जो जानकारियां दे रहे हैं उनमें सबसे अहम मध्य प्रदेश शासन-प्रशासन और संगठन के दिशाहीन संबंध से जुड़ी है जो मतभेद और मनभेद तक पहुंचने की दांस्तां जैसी स्थिति बता रही है। वहीं दूसरी जानकारी एक पूर्व वित्त मंत्री को लेकर है जिसमें बता रहे हैं कि एक विज्ञापन के जरिये आम लोगों को एक संस्था के लिए उनसे लेन देन करने से रोके जाने की है। तीसरी सूचना सत्तारूढ़ पार्टी के एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के सनातनियों के साथ हो रहे षड़यंत्र के बारे में बताने से जुड़ी है तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के विरोधियों के राहुल गांधी के दौरों के बाद से किस तरह सुर बदले हैं, यह भी आपको बताएंगे। चलते चलते बताएंगे प्रदेश में वीआईपी सुरक्षा पर आखिर क्यों सवाल उठ रहे। इसके लिए आप हमारे साथ जुड़े रहिये। हमारे कुरु कुरु स्वाहा यूट्यूब चैनल, इंस्टाग्राम, एक्स, फेसबुक व वेबसाइट को लॉगइन कर पढ़ते रहिये और उन्हें शेयर, लाइक व सब्सक्राइव कर हमें सहयोग कीजिए।
मध्य प्रदेश Madhya Pradesh में इन दिनों शासन-प्रशासन और सत्तारूढ़ पार्टी के संगठन के बीच दूरियां व समन्वय की साफ कमी दिखाई देने लगी है। अखबारों की सुर्खियां भी बन रही हैं जिनको लेकर शासन-प्रशासन के मौन व संगठन की ओर से भी सफाई नहीं आने से प्रदेश में सरकार-संगठन व नौकरशाही में मतभेद व मनभेद की धारणा आमजन के बीच पहुंचती जा रही है। माना जाए तो मीडिया मैनेजमेंट में खास पहचान बना चुकी पार्टी इस बार अब तक फेल साबित हो रही है। भाजपा BJP के चाणक्य कहे जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्रीलय अमित शाह Amit Shah के भोपाल दौरे को इसी संदर्भ में माना जा रहा था और कहा जा रहा है कि भोपाल के उनका रात्रि विश्राम को इसीलिए रखा गया था। रात्रि विश्राम में नेताओं के साथ नौकरशाही के चुनिंदा लोगों की मुलाकातें भी हुईं मगर अगले शाह मीडिया के सवालों से बचते हुए दिल्ली चले गए। नौकरशाही के जिन अफसरों ने अपनी जिस मीडिया को शाह के सामने बैठाकर बात करने बुलाया था, वह बैठी रह गई और शाह दिल्ली रवाना हो गए।
निजी मेडिकल कॉलेज से जुड़े भाजपा नेताजी की जाहिर सूचना …. आम आदमी को नेताजी से लेन-देन नहीं करने की हिदायत
मध्य प्रदेश भाजपा Madhya Pradesh BJP के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री रहे जयंत मलैया Jayant Maliya के खिलाफ एक समाचार पत्र में जाहिर सूचना छपवाई गई है। इसमें वित्त मंत्री रहे मलैया जी से एक निजी मेडिकल कॉलेज के संदर्भ में लेन-देन नहीं करने की आम आदमी को हिदायत दी गई है। कहा गया है कि संबंधित मेडिकल कॉलेज में समिति के नियमों के मुताबिक संस्था का अध्यक्ष, सचिव संस्थापक सदस्य ही बन सकता है मगर वर्तमान अध्यक्ष, सचिव व उनकी कार्यकारिणी अवैध रूप से काम कर रही है। नए संस्थापक सदस्य को समिति में पांच करोड़ रूपए दान देना होता है। जाहिर सूचना में जयंत मलैया Jayant Maliya और उनके एक अन्य साथी सुनील जैन को संस्थापक सदस्य नहीं होना बताते हुए लोगों को लेन देन से रोका गया है। यहां आपको बता दें कि मलैया अभी दमोह विधानसभा सीट से विधायक हैं और उन वरिष्ठ विधायकों में शामिल हैं जिन्हें इस बार मोहन सरकार में मंत्री नहीं बनाया गया है।
सनातनियों पर सांसद की टिप्पणी …. डीजे पर नाचने वाले सनातनियों में से 60 प्रतिशत नशे में होते हैं
आदिवासी बहुल निमाड़ के खरगोन संसदीय सीट Khargoan Loksabha seat का प्रतिनिधत्व करने वाले भाजपा BJP सांसद गजेंद्र पटेल MP Gajendra Patel ने सनातनियों की नशे की लत पर टिप्पणी कर खुद को विवादों में घेर लिया है। पटेल MP Gajendra Patel कहते हैं कि वे थ्री डी पर काम कर रहे हैं जो डीजे, दारू व दहेज हैं। एक सार्वजनिक मंच से डीजे पर नाचने वाले लोगों के नशे में होने की बात कहते हुए पटेल ने दावा किया कि डीजे पर जो नाचते हैं वे सभी तो सनातनी होते हैं लेकिन उनमें से 60 फीसदी नशे में होते हैं। नशे में उन्हें यह तक पता नहीं होता है कि उनके हाथ पैर कहां जा रहे हैं। नशे की लत को लेकर पटेल ने मंच से यह भी दावा किया कि पान की दुकानों पर नशा बेचा जा रहा है और उससे हिंदुओं को नपुंसक बनाया जा रहा है। पटेल MP Gajendra Patel की यह टिप्पणी कड़वी है मगर डीजे पर नाचने वालों के नशे में होने का दावा करने से विवादित हो गई है।
राहुल के मध्य प्रदेश दौरों से कांग्रेस में हलचल …. पटवारी मजबूत हुए विरोधी कमजोर …. सिंघार का पलड़ा हिलने की चर्चा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी LOP Rahul Gandhi के मध्य प्रदेश में 15 दिन के भीतर लगातार दो दौरों से कांग्रेस पार्टी में हलचल दिखाई देने लगी है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Madhya Pradesh congress president जीतू पटवारी Jitu Patwari के विरोधियों के स्वर कमजोर होने लगे हैं जो कुछ समय पहले तक पटवारी Jitu Patwari के चला चली की बेला की बातें करते थे। अब वे ही लोग पटवारी Jitu Patwari के कार्यकाल में ही विधानसभा चुनाव होने की बातें करने लगे हैं। जो प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए सपने संजोने लगे थे, वे खुद भी अपनी दावेदारी के बारे में बातें करने से बचने लगे हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार CLP Umang Sighar की स्थिति डांवाडोल दिखाई देने लगी है। उनके प्रदेश अध्यक्ष Madhya Pradesh congress president पटवारी Jitu Patwari के साथ रिश्ते पहले जैसे भी नहीं रहे हैं। सिंघार CLP Umang Sighar का स्थान लेने के लिए कुछ दावेदारियां भी सामने दिखने लगी हैं। देखना यह है कि राहुल गांधी LOP Rahul Gandhi के निकट माने जाने वाले पटवारी Jitu Patwari -सिंघार CLP Umang Sighar की जोड़ी कब तक अपने आपको पद पर बनाए रखती है।
वीआईपी सुरक्षा में राजनीति का असर …. विपक्षी दल के अलावा सत्ता पक्ष की शिकायतें …. सरकार का इशारा या नंबर बढ़ाने की जुगाड़
वीआईपी सुरक्षा VIP Security में पुलिस व स्थानीय प्रशासन की भूमिका अहम होती है क्योंकि वीआईपी की सुरक्षा VIP Security में चूक के लिए हमेशा मैदानी अफसरों की जिम्मेदारी मानी जाती है। मध्य प्रदेश में इन दिनों वीआईपी सुरक्षा VIP Security पर राजनीति का असर दिखाई देने लगा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले दिनों बालाघाट पहुंचे थे मगर वहां कथित रूप से उनकी सुरक्षा को लेकर कलेक्टर व एसपी ने निर्धारित नियम प्रक्रिया का पालन नहीं किया। यह आरोप विपक्षी दल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने लगाया। कांग्रेस का तो माना जा सकता है कि वह विपक्ष में होने के कारण आरोप लगा रही है मगर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की भी यह शिकायत संसदीय क्षेत्र विदिशा के स्थानीय प्रशासन से है जिसकी अखबारों में सुर्खियां भी बनीं हैं। शिवराज सिंह प्रदेश के दो दशक से ज्यादा समय तक सीएम रहे मगर 2023 में उनके चेहरे पर चुनाव लड़ने के बावजूद पार्टी ने सीएम की कुर्सी उन्हें नहीं दी। यह कहा जाने लगा है कि प्रदेश की नौकरशाही भी इस संदेश के बाद गिरगिट की तरह रंग बदल चुकी है। अगर ऐसा मैदानी अफसर वीआईपी सुरक्षा VIP Security में कर रहे हैं तो यह राजनीति कभी भी प्रदेश के लिए भारी पड़ सकती है।
