मध्य प्रदेश के जबलपुर के दीपक लोधी जो वृंदावन में संत प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज के शिष्य थे ने शुक्रवार सुबह चौथी मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली। दीपक के मत शरीर पर चोट की निशान पाए गए हैं जिनकी फोरेंसिक जांच से पुष्टि किए जाने के बाद ही कई अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
बताया जाता है कि दीपक लोधी प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद अपना मूल नाम रसिक दुलारी शरण हो गया था। वह मूल रूप से जबलपुर (मध्य प्रदेश) के रहने वाले थे।
बताया जाता है कि घटना उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित वराह घाट के पास ‘गुरु कृपा कुंज’ आश्रम की है। दीपक (25 वर्ष) आश्रम की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए, जिसके बाद उन्हें गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक पुलिस इसे आत्महत्या का संदिग्ध मामला मानकर जांच कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज, सबूत और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। शरीर पर चोटों के निशानों और घटना के कारणों को लेकर पुलिस की फॉरेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस जांच कर रही है। दीपक पिछले करीब दो वर्षों से प्रेमानंद महाराज से जुड़े थे और सितंबर 2025 में दीक्षा प्राप्त की थी। वे आश्रम में बिजली से संबंधित कार्य और सेवा संभाला करते थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जबलपुर में उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
